मैं कलक्टर से भी ऊंचे पद पर...; केंद्रीय मंत्री मांझी ने सुनाई अपनी कहानी, शिक्षा को बताया सबसे बड़ा हथियार
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने औरंगाबाद के पूरन बिगहा गांव का दौरा किया, जहाँ आग से घर जले थे। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और अपनी प्रेरक ...और पढ़ें
HighLights
केंद्रीय मंत्री मांझी ने पूरन बिगहा गांव में शिक्षा पर जोर दिया।
अपनी प्रेरक कहानी सुनाकर बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की।
डीएम अभिलाषा शर्मा के कार्यों की सराहना भी की मंत्री ने।
संवाद सूत्र, मदनपुर (औरंगाबाद)। प्रखंड के बेरी पंचायत अंतर्गत पूरन बिगहा गांव में आग से जले घरों की सूचना पर रविवार को केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि जब तक शिक्षा नहीं होगी, तब तक लोग अपने अधिकारों को ठीक से समझ और हासिल नहीं कर पाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि हर माता-पिता को अपने बेटा-बेटी को पढ़ाना चाहिए।
बच्चों को पढ़ाओ, तभी बदलेगी किस्मत
मगही में भावुक अंदाज में उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए कहा, “हमर बाबूजी भगतई करत रहलन, गांव में लोग उनका भगतवा कहे।
जब हम पढ़े जात रहीं, त बाबूजी खेत में हल जोतत रहथिन। लोग ताना मारत रहे कि बेटा के पढ़ाके का कलक्टर बनइब, लेकिन बाबूजी काहू के बात न सुनलथिन और हमरा पढ़वलथिन।”
उन्होंने आगे कहा कि आज उसी शिक्षा का परिणाम है कि वे आज कलक्टर से भी ऊंचा पद पर हैं। समाज और देश की सेवा कर रहे हैं।
डीएम के कार्यों की सराहना
उन्होंने यह भी कहा कि उनके गांव आने की सूचना पर जिला प्रशासन भी सक्रिय हुआ है और समस्याओं के समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है।
मंत्री ने डीएम अभिलाषा शर्मा के कार्यों की सराहना की। मौके पर एसडीएम संतन कुमार सिंह, बीडीओ अवतुल्य कुमार आर्य, सीओ अकबर हुसैन, मुखिया प्रतिनिधि प्रफुल्ल कुमार सिंह, हरेंद्र कुमार सिंह सहित अन्य लोग और पुलिस बल मौजूद रहे।
गौरतलब है कि पूरन बिगहा गांव में कुछ दिन पहले आग लगने से कई घर जल गए थे, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।