यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lok Sabha Election 2024: औरंगाबाद में महिलाओं से अधिक हैं पुरुष दिव्यांग वोटर्स, मतदान केंद्रों पर मिलेंगी ये खास सुविधा
औरंगाबाद जिले की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 19935 है और इनमें से महिलाओं से अधिक पुरुष दिव्यांग वोटर्स हैं। वहीं ऐसे वो ...और पढ़ें

सनोज पांडेय, औरंगाबाद। औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र के रफीगंज विधानसभा क्षेत्र में दिव्यांग मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। यहां 2,698 पुरुष एवं 2,377 दिव्यांग मतदाता हैं। औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्र में इनकी संख्या 3,046 है। कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र में थर्ड जेंडर के एक मतदाता दिव्यांग हैं।
लोकसभा चुनाव में दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) मतदाताओं को आवश्यक सुविधा मिलेगी। मतदान केंद्र पर पहुंचते ही उन्हें यहां तैनात वोलेंटियर मतदान करने में मदद करेंगे। मतदान केंद्र पर इनके लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है।
रैंप, शेड, शौचालय एवं पेयजल की पर्याप्त सुविधा रहेगी। मतदान केंद्र पर पुरुष-महिला से अलग तीसरी लाइन दिव्यांगों का होगा। जैसे ही दिव्यांग मतदाता मतदान केंद्र पर पहुंचेंगे उन्हें सहयोग कर कम समय में मतदान कराया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जारी किया आदेश
इससे संबंधित आदेश जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने जारी किया है। जिस केंद्र पर दिव्यांग मतदाता हैं वहां व्हील चेयर उपलब्ध रहेगा। दिव्यांग मतदाताओं को घर से लाने की व्यवस्था भी की गई है। औरंगाबाद जिले के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 19,935 है। महिलाओं से अधिक पुरुष दिव्यांग हैं।
किस विधानसभा क्षेत्र में हैं कितने मतदाता
| विधानसभा क्षेत्र का नाम | दिव्यांग मतदाता पुरुष | दिव्यांग मतदाता महिला |
| रफीगंज | 2698 | 2377 |
| औरंगाबाद | 1886 | 1160 |
| कुटुंबा | 1462 | 880 |
| नबीनगर | 1510 | 1060 |
| ओबरा | 1938 | 1131 |
| गोह | 2469 | 1363 |
चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
औरंगाबाद के जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र पर हर सुविधा उपलब्ध रहेगी और रैंप बनाया गया है। शौचालय एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध है।
इससे संबंधित आदेश अधिकारियों के साथ मतदान केंद्र पर तैनात होने वाले कर्मियों को बताया गया है। मतदान का प्रतिशत बढ़ाना प्रशासन का पहला लक्ष्य है। इसके लिए शहर के साथ गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
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