बांका की आदिवासी महिलाओं का नींबू बागवानी में कमाल, बिल गेट्स भी हुए थे मुरीद
बांका जिले के उप विकास आयुक्त ने कटोरिया प्रखंड में विकास योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने आदिवासी महिलाओं द्वारा 25 एकड़ में की जा रही नींबू बागवान ...और पढ़ें

बांका के कटोरिया प्रखंड में आदिवासियों के लिए कई सरकारी योजनाएं चलाई जा रही है। यहां बिल गेट्स भी आए हुए थे।
HighLights
उप विकास आयुक्त ने बांका में विकास योजनाओं का निरीक्षण किया।
आदिवासी महिलाओं की नींबू बागवानी को बिल गेट्स ने सराहा।
ग्रामीण पर्यटन और रोजगार बढ़ाने पर अधिकारियों ने जोर दिया।
संवाद सूत्र, जयपुर (बांका): बांका जिले के उप विकास आयुक्त उपेंद्र सिंह ने कटोरिया प्रखंड के घरचप्पा और लिलावरन गांव में विभिन्न विकास योजनाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक श्रीनिवास और प्रखंड विकास पदाधिकारी देवाशीष कुमार भी मौजूद थे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य गांवों में योजनाओं की प्रगति और जमीनी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष अवलोकन करना था।
अधिकारियों ने पहले 25 एकड़ में विकसित नींबू बागवानी परियोजना का निरीक्षण किया। यह परियोजना आदिवासी महिलाओं के नाम से संचालित हो रही है और पूरे बिहार में अपनी तरह की अनूठी पहल मानी जा रही है। उद्यान विभाग बांका ने इस योजना के लिए 25 लाख रुपये का सहयोग दिया है। अधिकारियों ने बताया कि इन आदिवासी महिलाओं ने पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी दक्षता और मेहनत से पहचान बनाई है। समीपवर्ती सलैया गांव में आयोजित कार्यक्रमों में धनकुबेर बिल गेट्स ने भी इन महिलाओं के हुनर की सराहना की थी।

इसके बाद निरीक्षण दल ने उद्यमी दीदी द्वारा संचालित सब्जियों की सायल-लेस नर्सरी और शिमला मिर्च की जैविक खेती का अवलोकन किया। साथ ही फीड यूनिट, शेड प्रबंधन, ब्रीड फार्म और पशुपालन गतिविधियों की जानकारी ली गई। तसर उत्पादन से जुड़े को-ऑपरेटिव कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। निरीक्षण के अगले चरण में अधिकारियों ने गांव की महिलाओं के साथ बैठक कर हर घर नल योजना, इंदिरा आवास, सड़क और शौचालय जैसी बुनियादी समस्याओं पर संवाद किया।
उन्होंने ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत प्रस्तावित परियोजनाओं और पोखर योजना को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। अंत में घरचप्पा गांव में पोखरों और सोलर लिफ्ट सिस्टम का निरीक्षण किया गया और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इस दौरे के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्थानीय महिलाओं की भागीदारी से विकास योजनाओं का प्रभाव बढ़ेगा और गांव में रोजगार और कृषि आधारित गतिविधियों को नया impulso मिलेगा।