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यूरिया 350, तो DAP 2200 रुपये बोरी, बांका में खाद की किल्लत से किसान परेशान; दुकानदार उठा रहे मजबूरी का फायदा

Published: Mon, 07 Sep 2026 12:31 PM (IST)

बांका के फुल्लीडुमर प्रखंड में धान की फसल के लिए खाद की किल्लत और अधिक कीमत वसूली से किसान परेशान ...और पढ़ें

खाद लेकर जाता किसान। फोटो जागरण

खाद लेकर जाता किसान। फोटो जागरण

HighLights

  1. बांका में धान की फसल के लिए खाद की भारी किल्लत।

  2. यूरिया ₹350, डीएपी ₹2200 तक में बेची जा रही।

  3. किसान खाद की कालाबाजारी के खिलाफ आंदोलन को तैयार।

संवाद सूत्र, फुल्लीडुमर (बांका)। खरीफ सीजन में धान की फसल में उर्वरक का उपयोग बढ़ते ही प्रखंड क्षेत्र में खाद की किल्लत और अधिक कीमत वसूली की शिकायतें सामने आने लगी हैं।

किसानों का आरोप है कि बाजार में यूरिया निर्धारित कीमत पर उपलब्ध नहीं है। वहीं, डीएपी भी निर्धारित दर से चार से पांच सौ रुपये अधिक में बेची जा रही है। इससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

अवैध वसूली कर रहे दुकानदार

किसानों के अनुसार, वर्तमान में यूरिया करीब 350 रुपये प्रति बोरी तथा डीएपी 1800 से 2200 रुपये प्रति बोरी तक खरीदनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि धान की फसल में खाद डालना जरूरी है, इसलिए मजबूरी में अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।

खरीफ सीजन शुरू होने के समय कृषि विभाग ने उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया था, लेकिन खेतों में खाद की जरूरत बढ़ने के साथ ही इसकी उपलब्धता को लेकर परेशानी शुरू हो गई।

किसानों के बीच प्रखंड क्षेत्र में खाद दुकानदारों से अवैध वसूली की भी चर्चा है। कुछ किसानों का आरोप है कि प्रखंड क्षेत्र को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर खाद दुकानदारों से नजराना वसूला जा रहा है।

किसानों का कहना है कि यदि दुकानदारों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त दबाव बनाया जा रहा है तो उसका असर अंततः खाद की कीमत पर पड़ता है और इसका बोझ किसानों को उठाना पड़ता है।

क्षेत्र में एक जिम्मेदार महिला पदाधिकारी के चालक को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। आरोप है कि चालक कुछ दुकानदारों से कथित वसूली करता है। किसानों के बीच यह भी चर्चा है कि वसूली के दौरान वाहन से पदनाम की प्लेट हटा दी जाती है।

आंदोलन की तैयारी

इधर, खाद की कथित कालाबाजारी और अधिक कीमत वसूली से नाराज किसान अब एक संगठन के बैनर तले आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। किसानों ने सरकारी दर पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि खाद की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

इस संबंध में उप प्रमुख बेनी शंकर यादव ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए जिले के वरीय पदाधिकारियों से संपर्क किया जाएगा। उन्होंने किसानों को उचित कीमत पर उर्वरक उपलब्ध कराने की दिशा में पहल का भरोसा दिया।

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