जीवन से जूझता पति अस्पताल से आया पत्नी की अंतिम विदाई देने, नम हो गईं सबकी आंखें
बांका जिले के परवत्ता गांव में भूमि विवाद के बाद हुई मारपीट में नारायण पंडित गंभीर रूप से घायल हो गए। पति के घायल होने की खबर सुनकर उनकी पत्नी तेतरी द ...और पढ़ें

मारपीट में घायल पति पहुंचा पत्नी की अंतिम विदाई देने, बाराहाट परवत्ता गांव में छलक पड़े आंसू
संवाद सूत्र, बाराहाट (बांका)। बांका जिले के बाराहाट थाना क्षेत्र के परवत्ता गांव में भूमि विवाद के बाद हुई मारपीट की घटना ने एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। मारपीट में गंभीर रूप से घायल पति जब अस्पताल से सीधे गांव पहुंचकर अपनी पत्नी को अंतिम विदाई देने आया, तो यह मार्मिक दृश्य देखकर पूरा गांव भावुक हो उठा। वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं और माहौल गमगीन हो गया।
जानकारी के अनुसार शनिवार की शाम भूमि विवाद को लेकर परवत्ता गांव में मारपीट की घटना हुई थी। इस दौरान गांव के नारायण पंडित गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पति के घायल होने की खबर से पत्नी की बिगड़ी तबीयत
इधर घर पर मौजूद उनकी पत्नी तेतरी देवी को जब पति के गंभीर रूप से घायल होने की खबर मिली, तो वह सदमे में आ गईं। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

अस्पताल से जिद कर पहुंचे गांव
पत्नी की मौत की सूचना जब मायागंज अस्पताल में भर्ती नारायण पंडित को मिली, तो उन्होंने अंतिम बार पत्नी का चेहरा देखने और अंतिम संस्कार में शामिल होने की जिद कर दी। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पहले अस्पताल से छुट्टी देने से मना किया, लेकिन उनकी जिद और भावनाओं को देखते हुए अनुमति दे दी गई। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में ही गांव लाया गया, ताकि वह अपनी पत्नी को अंतिम विदाई दे सकें।
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भावुक हो उठा पूरा गांव
गांव पहुंचकर जैसे ही नारायण पंडित ने अपनी पत्नी के पार्थिव शरीर को देखा, वह खुद को संभाल नहीं पाए। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद ग्रामीण भी भावुक हो उठे और कई लोगों की आंखें भर आईं। ग्रामीणों ने बताया कि पति-पत्नी के बीच गहरा लगाव था। घायल अवस्था में भी पति का पत्नी को अंतिम विदाई देने गांव पहुंचना सभी को भावुक कर गया।
नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
अंतिम संस्कार के दौरान गांव के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से तेतरी देवी को अंतिम विदाई दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है और लोग परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं।