Banka News: फर्जी कागजात पर जमीन हड़पने वालों पर कसेगा शिकंजा, रैयती भूमि विवाद में भी होगी कार्रवाई
बांका के जयपुर क्षेत्र में फर्जी कागजात से सरकारी और निजी जमीन की खरीद-बिक्री बढ़ गई है। पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवा ...और पढ़ें


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संवाद सूत्र, जयपुर (बांका)। कटोरिया अंचल के जयपुर क्षेत्र में सरकारी जमीन की फर्जी कागजात के आधार पर धड़ल्ले से खरीद-बिक्री का मामला लगातार सामने आ रहा है। इसके साथ ही निजी रैयती जमीनों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी से आम रैयतों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे हालात में पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के सख्त निर्देश को आम लोगों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम के दौरान राजस्व मामलों में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। नामांतरण, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, बंदोबस्त, सीमांकन, भू-अर्जन एवं सार्वजनिक भूमि से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में लोग जाली व कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमीन पर दावा कर रहे हैं।
प्रशासनिक जांच में पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग ने ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया है।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन पर दावा करना गंभीर आपराधिक कृत्य है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सरकारी भूमि से जुड़े सभी संदिग्ध मामलों में संबंधित अंचलाधिकारी द्वारा स्थानीय थाना में अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
रैयती भूमि विवाद में भी होगी कार्रवाई
जयपुर क्षेत्र में रैयती भूमि की जमाबंदी बिना ठोस साक्ष्य के कायम होने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे नए विवाद पैदा हो रहे हैं। ऐसे मामलों में दो पक्षों के बीच निजी रैयती भूमि विवाद की स्थिति में जांच के बाद अंचलाधिकारी अथवा राजस्व पदाधिकारी की अनुशंसा पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
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प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि प्राथमिकी दर्ज न करना या मामला दबाने का प्रयास घोर लापरवाही मानी जाएगी और दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जयपुर क्षेत्र में जमीनी विवाद आम लोगों और पुलिस प्रशासन दोनों के लिए परेशानी बन गया है। अंचलाधिकारी के प्रतिवेदन पर त्वरित मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का निर्देश मिला है। - आलोक कुमार, थानाध्यक्ष, जयपुर