खनिजों से चमकेगा बांका, पिंडरा और जयपुर ब्लॉक की नीलामी का रास्ता साफ; 250 एकड़ जमीन फाइनल
बांका जिले के चांदन प्रखंड स्थित पिंडरा खनिज ब्लॉक में तांबा, शीशा और जस्ता के खनन की नीलामी प्रक्रिया तेज हो गई है। ...और पढ़ें

खनिजों से चमकेगा बांका, पिंडरा और जयपुर ब्लॉक की नीलामी का रास्ता साफ (AI Generated Image)

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संवाद सूत्र, बांका। जिला के चांदन प्रखंड स्थित पिंडरा खनिज ब्लॉक से तांबा, शीशा और जस्ता के खनन का रास्ता अब लगभग साफ होता दिख रहा है। खनिज ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कवायद शुरू कर दी गई है। यदि सबकुछ योजना के अनुसार हुआ तो जल्द ही यहां व्यावसायिक खनन कार्य धरातल पर नजर आने लगेगा।
पिछले साल डीएम की अध्यक्षता में इसको लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें खनन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
जिला खनन पदाधिकारी बलबंत कुमार ने बताया कि खान मंत्रालय एवं भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के निर्देश के आलोक में पिंडरा खनिज ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा अब तक करीब 260 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इसमें वन भूमि, गैरमजरूआ भूमि, कृषि भूमि तथा कुछ आवासीय क्षेत्र भी शामिल हैं।
भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए नक्शों का मिलान कराया गया है। साथ ही रैयतों की पहचान और स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की भी जांच चल रही है। प्रशासनिक स्तर पर सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इधर, कटोरिया प्रखंड के जयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में मिले कोबाल्ट और तांबा जैसे दुर्लभ खनिजों के व्यावसायिक खनन की तैयारी भी अंतिम चरण में पहुंच गई है। खान एवं भू-तत्व विभाग के अनुसार 20 मई के बाद खनन ब्लॉक की नीलामी शुरू होने की संभावना है।
माना जा रहा है कि खनन कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, जीएसआई की वैज्ञानिक टीम ने फरवरी 2024 तक करीब छह महीने तक जयपुर क्षेत्र के चंदे पट्टी और केरवार मौजा के बीच डीप स्लांट ड्रिलिंग कर कई खनिज नमूने संग्रह किए थे।
ड्रिलिंग के दौरान सुनहरे चमकीले पत्थर मिलने से शुरुआती दौर में क्षेत्र में सोने की खान मिलने की चर्चा भी तेज हो गई थी।
इससे पहले कटोरिया के बाघमारी क्षेत्र में भी अत्याधुनिक मशीनों से खनिज सैंपल एकत्र किए गए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खनन परियोजनाएं शुरू होती हैं तो बांका जिला में औद्योगिक विकास के साथ आधारभूत संरचना और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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कोबाल्ट का कहां होगा उपयोग?
कोबाल्ट एक बहुमूल्य धातु है, जिसका सबसे अधिक उपयोग रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरियों के निर्माण में होता है। इलेक्ट्रिक वाहन, मोबाइल फोन, लैपटाप और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों में इसकी बड़ी भूमिका है।
इसके अलावा विमान और रक्षा उद्योग में मजबूत मिश्र धातु तैयार करने, जेट इंजन, गैस टर्बाइन, चुंबक, नीले रंग के पिगमेंट तथा चिकित्सा क्षेत्र में भी कोबाल्ट का उपयोग किया जाता है।