Banka News: दिल्ली जाने से पहले मौत ने रोका रास्ता, एक साथ बुझ गए दो घरों के चिराग
धोरैया-पंजवारा मुख्य सड़क पर हुए सड़क हादसे में सबलपुर गांव के चचेरे भाई पप्पू कुमार और सुमरित दास की मौत हो गई। इस दुखद घटना से पूरे गांव में शोक का ...और पढ़ें

दिल्ली जाने से पहले मौत ने रोका रास्ता, एक साथ बुझ गए दो घरों के चिराग (AI Generated Image)

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बोधनारायण तिवारी, धोरैया (बांका)। धोरैया-पंजवारा मुख्य सड़क पर चतर्भुज मोड़ के पास हुए सड़क हादसे ने सबलपुर गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है। दुग्ध वाहन की टक्कर से घायल हुए चचेरे भाई पप्पू कुमार (35) और सुमरित दास की मौत के बाद रविवार को पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा।
स्वजनों के विलाप से माहौल गमगीन हो गया और कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला। एक ही परिवार से निकली दो अर्थियों को देख ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
जानकारी के अनुसार, पंजवारा थाना क्षेत्र के सबलपुर गांव निवासी पप्पू कुमार दिल्ली में राजमिस्त्री का काम करते थे। वह आठ दिन पहले घर आए थे।
चचेरी बहन के ससुराल दुधसिमर गांव में आयोजित श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शनिवार रात अपने चचेरे भाई सुमरित दास के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। रात करीब नौ बजे चतर्भुज मोड़ के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार दुग्ध वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरे और अचेत हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची 112 पुलिस ने अंधेरे में काफी खोजबीन के बाद दोनों को झाड़ियों से निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही सुमरित की मौत हो चुकी थी, जबकि गंभीर रूप से घायल पप्पू को बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल रेफर किया गया, जहां देर रात उसने भी दम तोड़ दिया। स्वजन ने बताया कि पप्पू का दिल्ली लौटने का टिकट 31 मई का था, लेकिन उससे पहले ही वह हमेशा के लिए अपनों से बिछड़ गया।
पीछे पत्नी प्रियंका देवी, 12 वर्षीय पुत्र सत्यम और 10 वर्षीय पुत्र सागर को छोड़ गया। वहीं, सुमरित दास मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी पत्नी सरिता देवी पति की मौत के सदमे में बदहवास है। उसके दो छोटे बेटे आदर्श (4) और अंगद (2) वर्ष के हैं।
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दोनों शवों का अंतिम संस्कार बौंसी के पापहरणी तालाब स्थित श्मशान घाट में किया गया। एक साथ उठीं दो चिताओं ने हर किसी को भावुक कर दिया।
अपर थानाध्यक्ष सूरज कुमार वैभव ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त दुग्ध वाहन को जब्त कर लिया गया है। मायागंज पुलिस के फर्द बयान के आधार पर बांका यातायात थाना में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
पांच माह में 48 घायल, एक की गई जान
प्रखंड क्षेत्र की सड़कों पर लगातार बढ़ रही दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। पिछले पांच माह में करीब दो दर्जन सड़क हादसों में एक शिक्षिका की मौत तथा 48 लोग घायल हो चुके हैं।
सबसे अधिक दुर्घटनाएं घोघा-पंजवारा एसएच-84 पर हुई हैं। अस्सी, बटसार, रामपुर मोड़, धोबिया, जयपुर मोड़, कुरमा, तिलवारी, जगनकित्ता, मकेशर मोड़ और धनकुंड जैसे स्थान दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन चुके हैं।
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