बांका में भगवान को दान की गई 15 एकड़ जमीन पर माफियाओं की नजर, ग्रामीणों ने CO से की शिकायत
बांका के पंजवारा में राम-जानकी ठाकुरबाड़ी की 15 एकड़ दान की गई जमीन पर भू-माफियाओं की नजर है, जिसे सेवायत ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
बांका के पंजवारा में मंदिर की 15 एकड़ जमीन पर विवाद।
भू-माफियाओं द्वारा सेवायत के माध्यम से जमीन बेचने की तैयारी।
ग्रामीणों की शिकायत पर अंचलाधिकारी ने जांच का आश्वासन दिया।
संवाद सूत्र, पंजवारा (बांका)। आस्था और धर्म के नाम पर दान की गई भगवान की जमीन पर अब भू-माफियाओं की नजर पड़ने लगी है। पंजवारा एवं आसपास के क्षेत्रों में मंदिरों की दान की गई जमीनों की खरीद-बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
ताजा मामला पंजवारा बाजार से सटे दुबराजपुर मौजा की करीब 15 एकड़ भूमि का है, जिसे वर्षों पहले स्थानीय श्रद्धालु राम भरोसी भगत ने पुराना बाजार स्थित राम-जानकी ठाकुरबाड़ी एवं शालीग्राम शिवालय के राग-भोग, पूजा-पाठ और रखरखाव के लिए दान दिया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर की इस भूमि को सेवायत के नाम पर बेचने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, राम भरोसी भगत निसंतान थे। उन्होंने पहले अपने स्वजन रामसुंदर भगत को पोष्य पुत्र बनाया था। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी जागेश्वरी देवी ने शिवमुनि भगत को पोष्य पुत्र स्वीकार किया।
अब आरोप है कि वही सेवायत मंदिर की बहुमूल्य भूमि को भू-माफियाओं के साथ मिलकर बेचने की तैयारी कर चुके हैं और बड़े भूखंड का एग्रीमेंट भी कर दिया गया है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में भगवान के नाम दान की गई कई अन्य जमीनें पहले ही बेची जा चुकी हैं और शेष भूमि पर भी कब्जा व बिक्री की कोशिशें जारी हैं। इससे मंदिरों की आय और धार्मिक गतिविधियों पर संकट गहरा गया है।
मामले की जानकारी मिलने पर रामगोविंद भगत, भवेश भगत सहित एक दर्जन ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन देकर अंचलाधिकारी से मंदिर की भूमि की बिक्री रोकने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, डीसीएलआर, प्रमंडलीय आयुक्त तथा राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री को भी भेजी गई है।
अंचलाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रतीत होता है। इसकी जांच कराई जाएगी तथा संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण या हस्तांतरण पर तत्काल रोक लगाई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
