बिहार के मंदार और ओढ़नी डैम के पास घर है, तो ₹10 लाख देगी सरकार; बस करना होगा ये काम
बिहार सरकार की मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना में मंदार पर्वत और ओढ़नी डैम को शामिल किया गया है। इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, ग्रामीण अ ...और पढ़ें

HighLights
मंदार पर्वत और ओढ़नी डैम योजना में शामिल।
प्रति कमरे 2.50 लाख, अधिकतम 10 लाख अनुदान।
स्थानीय रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा।
संवाद सूत्र, बाराहाट (बांका)। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना में प्रसिद्ध मंदार पर्वत और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर ओढ़नी डैम को शामिल किया गया है।
इससे जिले के पर्यटन क्षेत्र के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद जगी है। योजना के तहत पर्यटक अब बड़े होटलों के बजाय स्थानीय परिवारों के घरों में ठहरकर ग्रामीण जीवन, लोक संस्कृति, पारंपरिक खानपान और आत्मीय आतिथ्य का अनुभव कर सकेंगे।
योजना के अनुसार, पर्यटन स्थल से पांच किलोमीटर के दायरे में होमस्टे स्थापित किए जा सकेंगे। प्रत्येक इकाई में अधिकतम आठ कमरे होंगे। सरकार प्रति कमरे 2.50 लाख रुपये की सहायता देगी, जबकि एक इकाई को अधिकतम 10 लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा। महिलाओं और 18 से 25 वर्ष के युवाओं द्वारा संचालित होमस्टे को प्रति कमरे 25 हजार रुपये अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर आवास सुविधा मिलेगी, वहीं स्थानीय युवाओं, महिलाओं, किसानों, स्वयं सहायता समूहों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
यह सरकार की स्वागतयोग्य पहल है। इससे स्पष्ट है कि पर्यटन विकास को गंभीरता से लिया जा रहा है। सुझाव दिया कि स्थानीय जानकार युवाओं को प्रशिक्षित कर अधिकृत गाइड बनाया जाए। इससे पर्यटकों को धार्मिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक तथ्यों की सही जानकारी मिलेगी। -उदयेश रवि
मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना दूरदर्शी पहल है। मंदार पर्वत और ओढ़नी डैम के शामिल होने से ग्रामीण परिवार सीधे पर्यटन गतिविधियों से जुड़ेंगे। इससे रोजगार बढ़ेगा और गांवों के समग्र विकास को गति मिलेगी। -निखिल बहादुर सिंह, मुखिया, सबलपुर
होमस्टे योजना स्थानीय लोक संस्कृति, पारंपरिक खानपान और ग्रामीण जीवनशैली को देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। इससे हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद और महिलाओं के स्वरोजगार को भी नया बाजार मिलेगा। -राजीव सिंह , समाजसेवी
योजना का उद्देश्य पर्यटन का लाभ गांवों तक पहुंचाना है। मंदार पर्वत और ओढ़नी डैम को योजना में शामिल कर सरकार यहां पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर रही है। इससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और स्थानीय युवाओं व महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। -रामनारायण मंडल, पूर्व मंत्री सह विधायक