बांका में शिक्षक रेशलाइजेशन: 30 बच्चों पर 1 टीचर का फॉर्मूला लागू, पुराने मास्टरों का होगा ट्रांसफर
शिक्षा विभाग बांका में शिक्षकों के समान वितरण के लिए रेशलाइजेशन प्रक्रिया अपना रहा है, जिससे 3000 से अधिक शिक्षकों का तबादला होगा। ...और पढ़ें

30 बच्चों पर 1 टीचर का फॉर्मूला लागू (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, बांका। शिक्षा विभाग शिक्षकों के विद्यालयों में एक समान वितरण के लिए रेशलाइजेशन कर रहा है यानी अधिक बच्चों वाले विद्यालयों में शिक्षक भेजे जाएंगे, जबकि कम बच्चों वाले विद्यालयों से शिक्षक निकाले जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने मानक मंडल निर्धारित कर दिया है।
प्राथमिक और मध्य दोनों ही स्कूलों में 30 बच्चों पर एक शिक्षक मिलेगा। बच्चे 31 होने पर ही दूसरे शिक्षक मिलेंगे। तीसरे शिक्षक के लिए वहां 61 बच्चों का नामांकित होना जरूरी है। जिन विद्यालयों में मानक से अधिक शिक्षक हैं, उसे रेशलाइजेशन के माध्यम से हटाकर दूसरे कम शिक्षक वाले विद्यालय में भेजा जाएगा।
हाई स्कूल के लिए ये मानक तय
हाई स्कूलों में भी शिक्षकों का मानक मंडल तय कर दिया गया है। हाई स्कूल के नवमीं और दसवीं कक्षा में 180 तक नामांकन रहने पर वहां छह से अधिक शिक्षक नहीं रहेंगे। किसी विषय में दो शिक्षक नहीं होंगे। बच्चों की संख्या 60-60 बढ़ते जाने पर एक-एक विषय में शिक्षक बढ़ते जाएंगे।
बच्चे 420 से अधिक होने पर भी वहां शिक्षकों की संख्या 11 से अधिक नहीं होगी। 300 से अधिक नामांकन पर वहां सामाजिक विज्ञान और गणित में दो-दो शिक्षक हो जाएंगे।
हाई स्कूल में अब कम्प्यूटर साइंस और संगीत के एक ही शिक्षक रहेंगे। अगर कहीं इस विषय के दो शिक्षक हैं तो उसमें एक वरीय को निकाला जाएगा।
पुराने शिक्षक पहले विद्यालय छोड़ेंगे
रेशलाइजेशन में विद्यालय छोड़ने की बारी में पहला नंबर विद्यालयों के सबसे पुराने शिक्षकों का आएगा। यानी अगर किसी विद्यालय से एक शिक्षक के निकलने की स्थिति बनेगी, तो पहले वहां सबसे अधिक समय से जमे शिक्षक को दूसरी जगह भेजा जाएगा।
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धोरैया से निकलेंगे सबसे अधिक शिक्षक
बांका जिला में सबसे अधिक शिक्षक धोरैया प्रखंड से निकलेंगे। इसके बाद बाराहाट, बौंसी और चांदन प्रखंड के स्कूलों से भी शिक्षक निकलेंगे। इन शिक्षकों को बेलहर, फुल्लीडुमर, कटोरिया जैसे कम शिक्षक वाले प्रखंड में भेजा जाएगा। सबसे अधिक प्राइमरी के शिक्षक स्कूलों से निकलेंगे।
इसके अलावा हाई स्कूल से भी कुछ शिक्षक निकलेंगे तो कुछ में जाएंगे। बांका के भी तीन हजार शिक्षक को इस प्रक्रिया में अपना पुराना विद्यालय छोड़ना होगा। इसमें कई शिक्षक 20 सालों से वहां जमे हुए हैं।
विभाग शिक्षकों के एक समान वितरण के लिए रेशलाइजेशन की प्रक्रिया अपना रहा है। इसकी एसओपी जारी हो चुकी है। पटना से ऑनलाइन माध्यम से ही प्रक्रिया पूरी की जा रही है। - देवनारायण पंडित, डीईओ, बांका