Banka News: बांका में फर्जी आधार कार्ड रैकेट का खुलासा, सीएसपी संचालक समेत दो गिरफ्तार
बांका के बौंसी में एक फर्जी आधार कार्ड रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। खोरीमोह गांव में चल रहे सीएसपी केंद्र को सील कर दिया गया है। मास्टरमाइंड मृत्युंजय कु ...और पढ़ें

बांका में फर्जी आधार कार्ड रैकेट का खुलासा, सीएसपी संचालक समेत दो गिरफ्तार

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संवाद सहयोगी, बौंसी (बांका)। बंधुवाकुरावा थाना क्षेत्र के फागा पंचायत अंतर्गत खोरीमोह गांव में चल रहे एक फर्जी आधार कार्ड रैकेट का भंडाफोड़ के बाद सीएसपी केंद्र को तत्काल सील कर दिया है। साथ ही बुधवार को गिरफ्तार आरोपितों में धोरैया थाना क्षेत्र के लक्ष्मी किता गांव निवासी मृत्युंजय कुमार (मास्टरमाइंड) और स्थानीय युवक रवींद्र कुमार को जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा पिछले एक साल से बिना रोक टोक के धड़ल्ले से चल रहा था। ग्रामीणों को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने इसकी सूचना सीधे एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा को दी।
एसपी के निर्देश पर थानाध्यक्ष शैलेश कुमार पुलिस जवानों के साथ बुधवार को छापेमारी की और आधार कार्ड, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने व सुधार करने के नाम पर अवैध वसूली करते हुए मृत्युंजय और रवींद्र को रंगे हाथों धर दबोचा। छापेमारी में लैपटॉप, मोबाइल, प्रिंटर, विभिन्न विभागों का फर्जी मुहर,डमी फिंगरप्रिंट सहित अन्य अवैध सामान जब्त की गई है।
जांच में सामने आया है कि मास्टरमाइंड मृत्युंजय महीने में 10-15 दिन खोरीमोह गांव स्थित रवींद्र के सीएसपी सेंटर पर आता था। यहां आधार कार्ड में नाम सुधार, जन्मतिथि बदलने और नया आधार कार्ड बनाने, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर भोले-भाले ग्रामीणों से 200 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक वसूले जाते थे।
सीएसपी सेंटर में दूर दूर से झारखंड तक के लोग फर्जी काम कराने पहुंचते थे। स्थानीय आरोपित रवींद्र कुमार इंटर पास करने के बाद गांव में ही सीएसपी खोलकर ऑनलाइन काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात धोरैया के इंटर पास मृत्युंजय से हुई। अधिक पैसे कमाने के लालच में रवींद्र इस अवैध धंधे में शामिल हो गया और मृत्युंजय को ग्राहक और अपना सेंटर उपलब्ध कराने लगा।
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दोनों मिलकर इस फर्जी काम को आगे बढ़ाने लगा। फर्जी काम का अंत दोनों को जेल जाना पड़ा। डीएसपी इंद्रजीत बैठा ने कहा कि गिरफ्तार दोनों आरोपितों की पूरी कुंडली खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके तार और कहां-कहां जुड़े हैं और अब तक कितने लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद से इलाके के अन्य अवैध सेंटर संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।