Shravani Mela 2026: बारिश न होने से सूखी गोड़ियारी नदी, कांवड़ियों की बढ़ी परेशानी; दुकानदारों का कारोबार ठप
पर्याप्त बारिश न होने से श्रावणी मेले में गोड़ियारी नदी सूख गई है, जिससे कांवड़ियों को स्नान और विश्राम में परेशानी हो रही है। ...और पढ़ें

बारिश न होने से सूखी गोड़ियारी नदी
HighLights
गोड़ियारी नदी सूखने से कांवड़ियों को स्नान में दिक्कत।
स्थानीय दुकानदारों का लाखों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित।
पंपसेट से पानी उपलब्ध कराकर स्नान की व्यवस्था।
संवाद सूत्र, चांदन (बांका)। श्रावणी मेले में अजगैवीनाथ धाम से बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले कांवड़ियों के लिए गोड़ियारी नदी वर्षों से आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही है। हर साल यहां हजारों श्रद्धालु नदी में स्नान कर विश्राम करते थे, सेल्फी लेते थे और परिवार व साथियों के साथ यादगार तस्वीरें खिंचवाते थे। लेकिन इस वर्ष पर्याप्त बारिश नहीं होने से गोड़ियारी नदी लगभग सूखी पड़ी है।
नदी में पानी नहीं रहने के कारण कांवड़िया इस प्राकृतिक स्थल का आनंद नहीं ले पा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय व्यवसायियों की भी चिंता बढ़ गई है।
दुकानें ग्राहकों के अभाव में प्रभावित
गोड़ियारी नदी में हर वर्ष सेल्फी प्वाइंट, बड़े-बड़े लोहे के शिवलिंग, घोड़ा एवं हाथी की सवारी, फोटोग्राफी, खान-पान और मनोरंजन की सैकड़ों अस्थायी दुकानें सजती है। श्रद्धालु यहां घंटों रुककर स्नान, विश्राम और मनोरंजन का आनंद लेते थे। इस बार नदी सूखी रहने से पूरा नजारा बदल गया है और अधिकांश दुकानें ग्राहकों के अभाव में प्रभावित हैं।
नदी में पानी नहीं होने के कारण स्थानीय दुकानदारों ने कांवड़ियों को स्नान कराने के लिए सैकड़ों पंपसेट की व्यवस्था की है। पंपसेट से पानी निकालकर श्रद्धालुओं को स्नान कराया जा रहा है।
हर दिन पंद्रह सौ से दो हजार रुपये की कमाई
पंप संचालक विनोद कुमार, प्रदीप यादव, मुन्ना यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि वे प्रति श्रद्धालु दस से बीस रुपये लेकर स्नान कराते हैं, जिससे प्रतिदिन लगभग पंद्रह सौ से दो हजार रुपये की आय हो जाती है।
वहीं घोड़ा संचालक रामसुंदर और रामानंद ने बताया कि नदी में पानी नहीं रहने से घुड़सवारी का आकर्षण भी कम हो गया है। फोटोग्राफरों का भी काम प्रभावित हुआ है, श्रद्धालु नदी में पानी नहीं होने के कारण पहले की तरह फोटो खिंचवाने के लिए नहीं रुक रहे हैं।
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हर दिन पांच लाख का कारोबार
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि गोड़ियारी नदी में पानी रहने पर प्रतिदिन लगभग पांच लाख रुपये तक का कारोबार होता था, लेकिन इस बार नदी सूखी रहने से कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
दुकानदारों ने कहा कि अब उम्मीद केवल भोले बाबा की कृपा और अच्छी बारिश पर टिकी हुई है। श्रद्धालुओं ने भी कहा कि गोड़ियारी नदी में पानी नहीं रहने से यात्रा का एक महत्वपूर्ण आकर्षण समाप्त हो गया है।
उनका कहना है कि यदि नदी में पर्याप्त पानी होता तो यात्रा का आनंद कई गुना बढ़ जाता। इस वर्ष नदी का सूखा स्वरूप श्रावणी मेले की रौनक पर भी असर डाल रहा है।
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