Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बांका में अवैध पशु तस्करी का बढ़ता नेटवर्क, भागलपुर–हंसडीहा मार्ग बना कॉरिडोर

    Updated: Tue, 05 May 2026 11:07 AM (IST)

    बाराहाट क्षेत्र में अवैध पशु तस्करी का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें भागलपुर-हंसडीहा मार्ग मुख्य कॉरिडोर बन गया है। पशुओं को अमानवीय तरीके से बंग ...और पढ़ें

    पशु तस्करी। फाइल फोटो

    पशु तस्करी। फाइल फोटो

    HighLights

    1. अवैध पशु तस्करी का नेटवर्क बाराहाट क्षेत्र में सक्रिय।

    2. भागलपुर-हंसडीहा मार्ग पशु तस्करों का मुख्य कॉरिडोर।

    3. पुलिस ने जांच और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

    संवाद सूत्र, बाराहाट (बांका)। क्षेत्र में इन दिनों अवैध पशु तस्करी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने की चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार भागलपुर–हंसडीहा मुख्य मार्ग अब पशु तस्करों के लिए सुरक्षित कारिडोर बनता जा रहा है, जहां से प्रतिदिन बड़े कंटेनर और ट्रकों के जरिए पशुओं को बंगाल की ओर भेजा जा रहा है।

    सूत्रों का दावा है कि इन वाहनों में पशुओं को अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरा जाता है और उन्हें बाहरी बाजारों तथा कथित रूप से पशुवध के लिए भेजा जाता है। तस्कर सीलबंद कंटेनरों का इस्तेमाल कर पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचने की कोशिश करते हैं, जिससे इस अवैध धंधे का खुलासा करना और भी मुश्किल हो जाता है।

    बताया जा रहा है कि इस कारोबार में एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसने अलग-अलग स्तर पर अपने एजेंट तैनात कर रखे हैं। ये एजेंट पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और पशुओं से लदे वाहनों को सुरक्षित तरीके से झारखंड सीमा तक पहुंचाने में मदद करते हैं। झारखंड में प्रवेश के बाद वहां मौजूद दूसरा नेटवर्क इन पशुओं को बंगाल तक पहुंचाता है।

    नेताओं की संलिप्तता 

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में कुछ सफेदपोश लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है। इस अवैध कारोबार में लाखों रुपये के लेनदेन की बात सामने आ रही है। वहीं बाराहाट थाना क्षेत्र के कुछ युवकों की एक टोली के भी सक्रिय होने की चर्चा है, जो बाराहाट और बौंसी के आसपास किराए के कमरों में रहकर इस नेटवर्क का संचालन कर रही है।

    खबरें और भी

    सूत्रों के मुताबिक जैसे ही पशुओं से लदे वाहनों के इलाके में प्रवेश की सूचना मिलती है, यह टोली तुरंत सक्रिय हो जाती है और वैकल्पिक रास्तों के जरिए वाहनों को सुरक्षित पार कराने में जुट जाती है। खासकर रात के समय इन गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।

    पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह न केवल पशुओं के प्रति क्रूरता है, बल्कि कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

    उन्हें अब तक इस प्रकार की गतिविधियों की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। भरोसा दिलाया कि पुलिस स्वतः संज्ञान लेकर रात में विशेष जांच अभियान चलाएगी। जांच में यदि कोई व्यक्ति या गिरोह संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -इंद्रजीत बैठा,एसडीपीओ