कांवड़ यात्रा 2026: कांवड़िया पथ पर अंगूठा लगाकर निकाल सकते हैं पैसे, आधार और टिकट की भी सुविधा
श्रावणी मेला के दौरान कांवड़ियों की सुविधा के लिए कांवड़िया पथ पर 12 कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) सक्रिय किए गए हैं। इन केंद्रों पर श्रद्धालु अंगूठे से ...और पढ़ें

कांवड़ा यात्रा ( एआई जेनरेटेड तस्वीर )
HighLights
कांवड़िया पथ पर 12 कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय।
अंगूठे के सत्यापन से आधार आधारित नकद निकासी सुविधा।
आधार कार्ड प्रिंटिंग और टिकट बुकिंग की व्यवस्था।
संवाद सूत्र, बांका। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में बाबाधाम देवघर जाने वाले लाखों कांवड़ियों की सुविधा के लिए इस बार कांवड़िया पथ पर 12 स्थानों पर कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) को सक्रिय किया गया है। इन केंद्रों के संचालन से श्रद्धालुओं को नकदी की कमी, आधार कार्ड गुम होने और टिकट बुकिंग जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए अब इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। अधिकांश डिजिटल सेवाएं उन्हें यात्रा मार्ग पर ही उपलब्ध हो जाएंगी।
हर वर्ष श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िया अजगैवीनाथ धाम से गंगाजल लेकर पैदल बाबाधाम देवघर के लिए रवाना होते हैं। लंबी पैदल यात्रा के दौरान कई बार श्रद्धालुओं के पास नकदी समाप्त हो जाती है।
कांवड़िया पथ पर एटीएम की सीमित उपलब्धता और अधिक भीड़ के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई श्रद्धालुओं को नकदी निकालने के लिए मुख्य सड़क अथवा बाजार तक जाना पड़ता था, जिससे उनकी यात्रा प्रभावित होती थी।
अंगूठे से निकाल सकते हैं पैसे
इस बार सीएससी केंद्रों पर आधार आधारित बैंकिंग सेवा उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से 55 किलोमीटर कांवड़िया पथ पर केवल अंगूठे के सत्यापन से अपने बैंक खाते से नकद राशि की निकासी कर सकेंगे। इसके अलावा यात्रा के दौरान आधार कार्ड गुम हो जाने या भीगकर खराब होने की स्थिति में सीएससी केंद्रों पर तत्काल आधार कार्ड का प्रिंट भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पहचान संबंधी कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इन केंद्रों पर रेल, बस और हवाई यात्रा के टिकट की बुकिंग की भी व्यवस्था की गई है। पहले इन सेवाओं के लिए कांवरियों को साइबर कैफे या बाजार का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब यात्रा मार्ग पर ही सभी सुविधाएं मिलने से समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
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धौरी धर्मशाला के समीप, लुल्हा धर्मशाला, जिलेबिया धर्मशाला, कौवादह, धनुबासार, समस्तीपुर धर्मशाला, कांवरिया धर्मशाला, इनारावरण के पास तीन स्थानों, गोरियारी और पटनिया समेत कुल 12 स्थानों पर सीएससी केंद्र संचालित किए गए हैं। सभी केंद्रों पर प्रशिक्षित वीएलई और तकनीकी कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को बिना किसी विलंब के गुणवत्तापूर्ण डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। - प्रियरंजन, जिला प्रबंधक सीएससी
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