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    श्रावणी मेले से पहले बांका कांवड़िया पथ पर छाया अंधेरा, खराब पड़ी हैं हाईमास्ट व स्ट्रीट लाइटें

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 08:48 AM (IST)

    श्रावणी मेले से पहले बांका के कांवरिया मार्ग पर हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटें खराब होने से अंधेरा छाया है। इससे श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी होगी, स ...और पढ़ें

    खराब पड़ी हैं हाईमास्ट व स्ट्रीट लाइटें

    खराब पड़ी हैं हाईमास्ट व स्ट्रीट लाइटें

    HighLights

    1. श्रावणी मेले से पहले कांवरिया मार्ग पर अंधेरा।

    2. हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं।

    3. श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु मरम्मत की मांग।

    संवाद सहयोगी, बौंसी (बांका)। श्रावणी मेला शुरू होने से पहले ही शहरी क्षेत्र में कांवरिया मार्ग की बदहाल रोशनी व्यवस्था लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। नगर पंचायत क्षेत्र के कई प्रमुख चौक-चौराहों पर लगी हाईमास्ट लाइटें खराब पड़ी हुई है। जबकि मंदार क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटें भी पिछले पांच दिनों से बंद हैं। 

    इससे श्रद्धालुओं एवं कांवरियों को रात के समय आवागमन में परेशानी होने की आशंका बढ़ गई है। शहरी क्षेत्र के गांधी चौक, महावीर चौक, बस स्टैंड , दुमका रोड स्थित हाईमास्ट लाइटें खराब हैं। ये हाईमास्ट लाइटें सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से लगाई गई थीं। 

    खराब लाइटों की नहीं हो रही मरम्मत 

    स्थापना के बाद पांच वर्षों तक इनके रखरखाव की जिम्मेदारी चंदन इंटरप्राइजेज को दी गई है। देखरेख की जिम्मेदारी नगर पंचायत को दी गई है। लेकिन नगर पंचायत की उदासीनता के कारण खराब लाइटों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। 

    श्रावणी मेला के दौरान हर रविवार बड़ी संख्या में कांवड़ियों का इस मार्ग से आवागमन होता है। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर अंधेरा रहने से सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित हो सकती हैं। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से अविलंब सभी हाईमास्ट एवं स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराने की मांग की है। 

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    पांच दिनों से स्ट्रीट लाइटें बंद

    मंदार क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइटें भी पिछले करीब पांच दिनों से बंद हैं। स्थानीय पार्षद गुलशन कुमार सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मर में खराबी आने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित है। जिससे पूरे क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही हैं। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग को इसकी सूचना दी जा चुकी है। लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इसके कारण शाम ढलते ही मंदार क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है।

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