बांका: बांग्ला सावन शुरू होते ही कांवड़िया पथ पर बढ़ी भीड़, प्रशासनिक सुस्ती से बाबा के भक्त परेशान
बांग्ला सावन शुरू होते ही बांका के कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। प्रशासनिक सुस्ती के कारण पथ पर बालू बिछाने और धर्मशाला जैसी सुविधा ...और पढ़ें

कांवड़िया पथ पर बढ़ी भीड़
HighLights
बांगला सावन शुरू होते ही कांवरिया पथ पर भीड़।
प्रशासनिक सुस्ती से बालू और धर्मशाला की कमी।
कांवड़ियों को बिना बालू वाले पथ पर चलना पड़ रहा।
जागरण संवाददाता, बांका। बांग्ला सावन शुरू होते ही कांवरिया पथ पर सोमवार से पैदल बम का जत्था गुजरने लगा है। पहले दिन धौरी से जिलेबिया तक इसकी अच्छी भीड़ रही। इस दिन आधा समय कच्चा पथ पर बूंदा बांदी और बादल रहने से कांवड़ियों को खूब राहत मिली।
जोरीपार के पास दुकानदार अक्षय कुमार, राजन आदि ने बताया कि पथ पर आए कांवड़िया अब लगातार बढ़ता रहेगा। हर साल बांगला सावन के दूसरे दिन से पथ में कांवड़ियों का चलना शुरू हो जाता है।
एक भी धर्मशाला तैयार नहीं
इस बार पथ पर प्रशासनिक तैयारी सुस्त नजर आ रही है। एक भी धर्मशाला तैयार नहीं हो सका है। बालू बिछाने का अधिकांश काम बाकी है। अब अभी गंगा का बालू स्टॉक ही हो रहा है। इसे सात दिन में पूरे पथ पर बिछाना केवल खानापूरी ही होगी। फिलहाल कांवरियों को बिना बालू वाले पथ में ही चलना पड़ रहा है।
सरकारी धर्मशाला में सफाई और रंग रोगन का काम जरूर हो गया है, लेकिन अभी हर जगह बहुत काम बाकी है। मेला शुरु होने में भले अभी आठ दिनों का समय बांकी है। लेकिन पहली सावन को जल चढ़ाने वाले कांवरिया बांका जिला सीमा के पथ पर पांच दिन बाद ही रैला में दिखने लगेंगे। फिर पथ पर भीड़ में काम करना भी मुश्किल होगा।
पहले दिन की यात्रा में ही पैर छिल गए
शिवलोक कैफेटेरिया के पास परिवार संग मिली आसनसोल की संगीता दास, बुलबुल, सोमेश आदि ने बताया कि हमलोगों के बांग्ला कैलेंडर में सावन 18 जुलाई से ही शुरू हो गया है। इसके साथ ही बंगाली परिवारों की कांवड़ यात्रा शुरू हो जाती है।
खबरें और भी
पथ पर बालू नहीं रहने से पहले दिन की यात्रा में ही बच्चों के पैर छिल गए हैं। अभी तो अधिकांश चढ़ाई और यात्रा बाकी है। उनके मुताबिक अभी रास्ते में कहीं धर्मशाला तैयार नहीं दिखा। वे लोग दुकानों पर रात बिताकर आगे बढ़ रहे हैं।
मालूम हो कि जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल लगातार पथ की यात्रा पर काम को तेज करने का आदेश दे रहे हैं। उन्हें सात दिन पहले काम पूरा करने का आदेश जारी कर रखा है। मगर कांवड़ियों की सुविधाओं का काम मंथर गति से चल रहा है। शिवलोक कैफेटेरिया में हर जगह गंदगी फैला है। हालांकि, कुछ मजदूर जरूर इसकी सफाई और रंगरोगन में जुटे मिले।