कांवड़िया पथ पर अश्लील डांस के लिए बंगाल-नेपाल से लाई जा रहीं डांसर; बांका में सिंडिकेट एक्टिव
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के कांवरिया पथ पर अश्लील डांस के लिए पश्चिम बंगाल, झारखंड और नेपाल से लड़कियां लाई जा रही हैं। ...और पढ़ें
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कांवड़िया पथ पर अश्लील डांस ( एआई जेनरेटेड तस्वीर )
HighLights
कांवरिया पथ पर अश्लील डांस के लिए लड़कियां लाई जा रहीं।
बांका में सक्रिय गिरोह होटलों, शिविरों में अश्लीलता परोस रहा।
प्रशासन ने अश्लीलता पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही।
संवाद सूत्र, बेलहर (बांका)। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के पावन डगर को अश्लीलता परोसने वाले गिरोह की अपवित्र नजर लग गई है। आस्था के डगर पर अश्लील डांस करने के लिए राज्य के अलावे पश्चिम बंगाल, झारखंड और पड़ोसी देश नेपाल से लड़कियों को लाया जा रहा है।
लड़कियों को कांवड़िया पथ पहुंचाने के लिए एक बड़ा गिरोह सक्रिय है। जो नेटवर्किंग के माध्यम से लड़कियों को होटलों, शिविरों और डांस स्टेज संचालकों को मुहैया कराता है। अश्लील डांस का सिलसिला धौरी से दुम्मा तक धड़ल्ले से संचालित होता है। खासकर जंगली और पहाड़ी क्षेत्रों में अश्लीलता परोसने का कार्य राशन दुकानों की तरह संचालन होता है।
कई जगहों पर डांस स्टेज का निर्माण
सूत्रों के अनुसार कांवड़िया पथ के धौरी, जोरीपार, दसपसैया, चंदननगर, जिलेबिया मोड़, जिलेबिया पहाड़, कौआदह, टंगेसर, सुईया, अबरख्खा के अलावे कटोरिया और चांदन प्रखंड के कांवरिया पथ पर अश्लील डांस कराने वाला गिरोह सक्रिय हो गया है। कई जगहों पर डांस स्टेज का निर्माण भी लगभग कर लिया गया है।
मेला शुरू होते ही अश्लील संगीतों पर लड़कियों का अश्लील डांस शुरू हो जाएगा। अश्लील डांस करने वाली लड़कियां कांवरियों की भीड़ में घुस जाती है। अश्लील डांस के बल पर शिवभक्तों की जेब खूब ढीली करती है। खासकर युवा शिवभक्त बड़ी संख्या में शिकार होते हैं।
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भीड़ जुटाने के लिए अश्लील डांस का सहारा
वहीं कई होटल संचालक भी दुकानों में भीड़ जुटाने के लिए लड़कियां रखकर अश्लील डांस आयोजित करवाता है। कई शिविर संचालक भी पीछे नहीं रहते हैं। निःशुल्क शिविर में भक्ति जागरण के नाम पर अश्लीलता परोसने की चर्चा है। जहां शिवभक्तों की जेब भी ढीली हो जाती है।
तीन हिस्सों में बंटती है कमाई
बताया जाता है कि अश्लीलता परोसने के लिए लड़कियां उपलब्ध कराने वाले गिरोह कमाई को तीन हिस्सों में बांटता है। एक हिस्सा उपलब्ध कराने वाले गिरोह का होता है। दूसरा हिस्सा लड़कियों का होता है। और तीसरा हिस्सा पथ पर संचालन कर रहे संचालकों का होता है। लड़कियों को पथ से सटे गांवों में रखा जाता है। जहां उसके सुरक्षा की कोई गारंटी भी नहीं होती है।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि पथ पर अश्लीलता परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध है। स्टेज से भक्ति जागरण की प्रस्तुति हो सकती है। उसके लिए भी प्रशासनिक अनुमति अनिवार्य है।
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