श्रावणी मेला 2026: बांका में कभी पेट्रोमैक्स की रोशनी में गुजरते थे कांवड़िया, अब आसान हुई बाबाधाम यात्रा
बांका में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के लिए कांवरिया पथ पिछले दो दशकों में पूरी तरह बदल गया है। कभी ...और पढ़ें

आसान हुई बाबाधाम यात्रा
HighLights
कांवरिया पथ दो दशकों में पूरी तरह बदला।
पहले पेट्रोमैक्स, अब आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध।
पेयजल, शौचालय, बिजली से यात्रा हुई आसान।
संवाद सूत्र, बेलहर (बांका)। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के साथ बांका के 54 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ की तस्वीर भी बीते दो दशकों में पूरी तरह बदल गई है। कभी कंकड़-पत्थर, जंगल और पहाड़ से होकर गुजरने वाला यह मार्ग अब कांवरियों के लिए सुविधाओं से सुसज्जित हो चुका है।
पेयजल, शौचालय, स्नानागार, विद्युत, स्वास्थ्य शिविर, सुरक्षा व्यवस्था और महीन बालू से तैयार सुगम पथ ने कांवरियों की यात्रा को काफी आसान बना दिया है।
दो दशक पहले नहीं थी कोई सुविधा
करीब दो दशक पहले कांवरिया पथ पर सरकारी सुविधाएं बेहद सीमित थी। रास्ते में रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से दुकानों पर पेट्रोमैक्स और बाद में जनरेटर के सहारे प्रकाश किया जाता था।
श्रद्धालु टॉर्च की रोशनी और बोल बम' के जयघोष के साथ बाबाधाम की यात्रा पूरी करते थे। जिलेबिया, सुईया और चांदन के पंचकोसिया जंगल से शाम के बाद गुजरना जोखिम भरा माना जाता था। श्रद्धालु समूह बनाकर जंगल पार करते थे।
समय के साथ राज्य सरकार ने कांवड़िया पथ पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया। पर्यटन विभाग की ओर से टेंट सिटी और भक्ति जागरण की व्यवस्था की गई, जबकि जनसंपर्क विभाग भी श्रद्धालुओं को सूचना एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
इसके बाद मार्ग पर दुकानों और सेवा शिविरों की संख्या लगातार बढ़ती गई। आज नदी, जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों तक में दुकानें और सेवा शिविर दिखाई देते हैं।
धौरी से झारखंड सीमा स्थित दुम्मा तक बांका जिले के बेलहर, कटोरिया और चांदन प्रखंडों से गुजरने वाले इस मार्ग पर अब अधिकांश हिस्से में दुकानें लगती हैं। जानकारों के अनुसार, एक दशक पहले जहां 54 किलोमीटर में 5,400 दुकानें भी नहीं लगती थीं, वहीं अब लगभग पूरे मार्ग पर दुकानें और शिविर स्थापित हो रहे हैं।
बिजली कनेक्शन बढ़ने की उम्मीद
पिछले वर्ष बेलहर में 223, कटोरिया में 665 तथा चांदन में 193 दुकानों एवं सेवा शिविरों को अस्थाई बिजली कनेक्शन दिया गया था, जिससे बिजली विभाग को 32 लाख 18 हजार 681 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
बिजली विभाग के कनीय अभियंता विकास रंजन ने बताया कि इस वर्ष कनेक्शनों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। हालांकि अब तक कई दुकानदार और सेवा शिविर संचालक अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेने के लिए आवेदन करने नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने समय रहते आवेदन करने की अपील की है।
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