बांका की खुशबू कुमारी ने रचा इतिहास, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली महिला टीचर बनीं
बांका के उर्दू प्राथमिक विद्यालय बिदायडीह की प्रधान शिक्षिका खुशबू कुमारी राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त करने वाली जिले की पहली महिला शिक्षिका बन गई हैं।

खुशबू कुमारी को राष्ट्रपति के हाथों मिला पुरस्कार। (जागरण)
HighLights
प्रधान शिक्षिका खुशबू कुमारी को मिला राष्ट्रपति सम्मान।
बांका की पहली महिला शिक्षिका बनीं यह सम्मान पाने वाली।
राष्ट्रपति ने 45 शिक्षकों में बिहार की दो शिक्षिकाओं को सम्मानित किया।
जागरण संवाददाता, बांका। उर्दू प्राथमिक विद्यालय बिदायडीह की प्रधान शिक्षिका खुशबू कुमारी शनिवार को राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त करने वाली पहली महिला शिक्षिका बन गई है।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति से खुशबू कुमारी को यह पुरस्कार दिया। राष्ट्रपति ने देश के 45 शिक्षकों को यह सम्मान दिया।
इसमें बिहार की दो शिक्षिका का भी नाम शामिल था। इसमें एक बांका की प्रधान शिक्षिका खुशबू कुमारी भी शामिल रही। राष्ट्रपति ने खुशबू को सम्मान में स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र और मेडल के साथ शॉल देकर सम्मानित किया।
उसके सम्मान प्राप्त करते ही बांका में खुशी का माहौल है। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद खुशबू ने दूरभाष पर बात में कहा कि यह बांका की शिक्षा का सम्मान है।
उसके जीवन में इससे बड़ा सुखद क्षण दूसरा नहीं हो सकता है। उसने बस अपने विद्यालय के बच्चों को मनोरंजन तरीके से शिक्षा देने का प्रयास किया। इस पुरस्कार से उसकी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है।
लोग दे रहे बधाई
पुरस्कार मिलने के बाद बांका ही नहीं पूरे बिहार में शिक्षा जगत के लोग उसे इंटरनेट मीडिया पर खूब बधाई दे रहे हैं। बांका के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने भी कहा कि खुशबू कुमारी ने बांका के शिक्षकों का गौरव बढ़ाया है।
निश्चित रूप यह पुरस्कार बांका की शिक्षा का दिशा और दशा बदलने वाला साबित होगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी देवनारायण पंडित, डीपीओ संजय कुमार यादव ने भी उसे शुभकामना दी है।
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