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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    KK Pathak: इधर केके पाठक छुट्टी पर, उधर 385 शिक्षकों के साथ हो गया खेला; चालाकी के चक्कर में गिरी गाज

    Updated: Fri, 07 Jun 2024 12:06 PM (GMT+05:30)

    Bihar Teacher News केके पाठक के छुट्टी पर जाने के बाद भी शिक्षकों पर एक्शन लगातार जारी है। गुरुवार को 385 शिक्षकों पर शिक्षा विभाग ने एक्शन ले लिया। 7 ...और पढ़ें

    केके पाठक के छुट्टी में जाने के बाद 385 शिक्षकों पर एक्शन (जागरण)
    केके पाठक के छुट्टी में जाने के बाद 385 शिक्षकों पर एक्शन (जागरण)

    HighLights

    1. केके पाठक की अनुपस्थिति में 385 शिक्षकों पर कार्रवाई की गई
    2. महीने भर में डीईओ स्तर से विद्यालय से अनुपस्थिति पर हुई कार्रवाई

     जागरण संवाददाता, बांका। Bihar Teacher News: केके पाठक के छुट्टी पर जाने के बाद बिहार में शिक्षकों के खिलाफ एक्शन और तेज कर दिया गया है। केके पाठक (KK Pathak) की उपस्थिति में भी लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ एक्शन हो रहा था।

    मई में शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का टूटा रिकॉर्ड

    जून के बाद जहां सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई शुरु होने के बाद निरीक्षण का तरीका बदलने जा रहा है। वहीं, इससे पहले मई में जिला के सरकारी विद्यालयों का निरीक्षण और शिक्षकों पर कार्रवाई का रिकार्ड टूट गया है। इस महीने विद्यालय से बिना सूचना अनुपस्थित मिले रिकार्ड 172 शिक्षकों का एक दिन का वेतन काट लिया गया है।

    इसके अलावा विद्यालय जांच में लापरवाही बरतने पर 140 शिक्षा सेवकों के भी एक दिन के वेतन की कटौती की गई है। जबकि निरीक्षण में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने पर 73 जांचकर्मी का भी एक दिन का वेतन काट लिया गया है।

    2200 सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर हुई कार्रवाई

    यह कार्रवाई जिला के 2200 सरकारी विद्यालयों के नियमित जांच के दौरान अनुपस्थिति और लापरवाही पर की गई है। इस डर से अधिकांश विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति का समय ठीक हो गया है। ग्रीष्मावकाश होने के बावजूद शिक्षक बिना देरी के विद्यालय पहुंचते रहे।

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    इतना ही नहीं जांच कर्ता भी बिना समय गंवाये स्कूलों का निरीक्षण करने दूर दराज गांव तक पहुंचते रहे। इस जांच में सभी शिक्षा सेवक यानी टोला सेवकों को लगाने के साथ ही बीआरसी और जिला कार्यालय के भी अधिकांश कर्मियों को लगाया गया था। राहत की बड़ी बात यह कि जून में नए एसीएस के आने के बाद वेतन कटौती की कार्रवाई बंद कर दी गई है। अनुपस्थित शिक्षक और कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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