बांका में ग्रामीणों ने रास्ता किया बंद, सड़क पर लगी स्कूल की कक्षा; बच्चे धूप में पढ़ने को मजबूर
बांका के एक गांव में ग्रामीणों द्वारा रास्ता बंद कर दिए जाने के कारण, शिक्षकों को सड़क पर ही स्कूल लगाना पड़ा। ...और पढ़ें

ग्रामीणों द्वारा विद्यालय का रास्ता बंद करने से पठन-पाठन बाधित

समय कम है?
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संवाद सूत्र, धोरैया (बांका)। प्रखंड क्षेत्र के उर्दू प्राथमिक विद्यालय जाजू कथौनी में विद्यालय जाने का रास्ता ग्रामीणों द्वारा बंद कर दिए जाने से सोमवार को असामान्य स्थिति उत्पन्न हो गई। विद्यालय तक नहीं पहुंच पाने पर शिक्षकों ने गांव की सड़क पर ही बच्चों की पाठशाला लगा दी, जहां खुले आसमान के नीचे पढ़ाई कराई गई।
इस दौरान मध्यान भोजन की व्यवस्था नहीं हो सकी, जिससे भीषण गर्मी और उमस भरे बैशाख माह में बच्चों को भूखे रहकर पढ़ाई करनी पड़ी। प्रधानाध्यापक इरशाद आलम ने बताया कि विद्यालय तक पहुंचने के लिए कोई सरकारी सड़क नहीं है और बच्चे व शिक्षक खेतों की पगडंडी के सहारे ही आते-जाते हैं।
उन्होंने बताया कि करीब तीन महीने पहले भी कुछ ग्रामीणों ने रास्ते को अपनी निजी जमीन बताते हुए उसकी घेराबंदी कर दी थी। उस समय अंचलाधिकारी और स्थानीय थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विवाद को सुलझाया था। लेकिन सोमवार को पुनः रास्ता बंद कर दिए जाने से शिक्षक और छात्र विद्यालय नहीं पहुंच सके।
स्थिति को देखते हुए शिक्षकों ने बच्चों को गांव की सड़क पर बैठाकर पढ़ाई शुरू कर दी। हालांकि, तेज धूप और गर्मी को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव की आशंका के कारण समय से पहले छुट्टी दे दी गई। विद्यालय में करीब 100 बच्चे नामांकित हैं, जो इस समस्या से लगातार जूझ रहे हैं।
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बरसात के मौसम में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जब बच्चे नंगे पैर कीचड़ भरे खेतों से होकर विद्यालय पहुंचते हैं। कई बार फिसलकर गिरने से उनके बैग और किताबें भी खराब हो जाती हैं। विद्यालय प्रशासन ने इस गंभीर समस्या की जानकारी स्थानीय अधिकारियों को दे दी है और समाधान की दिशा में पहल जारी है।