लाखों उज्ज्वला लाभार्थियों को झटका, अब 9 की जगह 4 सिलिंडर पर मिलेगी सब्सिडी
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बांका जिले में 2.83 लाख लाभुकों को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि अब सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दी ...और पढ़ें

लाखों उज्ज्वला लाभार्थियों को झटका, अब 9 की जगह 4 सिलिंडर पर मिलेगी सब्सिडी (AI Generated Image)
HighLights
उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले सिलिंडर 9 से घटकर 4 हुए।
बांका जिले के 2.83 लाख लाभुकों को इस फैसले से झटका लगा।
ग्रामीण महिलाएं पारंपरिक चूल्हे पर लौटने को मजबूर, स्वास्थ्य पर असर।
संवाद सूत्र, जयपुर (बांका)। ग्रामीण महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभुकों को अब बड़ा झटका लगा है। नई व्यवस्था के तहत उज्ज्वला उपभोक्ताओं को एक वर्ष में मिलने वाली सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या नौ से घटाकर चार कर दी गई है। इससे जिले के दो लाख 83 हजार 182 लाभुक प्रभावित होंगे।
पहले लाभुकों को नौ सिलिंडरों पर सब्सिडी मिलती थी, लेकिन अब केवल चार सिलिंडरों पर ही यह सुविधा उपलब्ध होगी। यानी प्रत्येक उपभोक्ता को सालाना पांच सिलिंडरों की सब्सिडी का नुकसान होगा। यदि कोई परिवार पहले नौ सब्सिडी वाले सिलिंडर का लाभ लेता था, तो अब उसे पांच सिलिंडर बाजार मूल्य पर खरीदने पड़ सकते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश परिवार सीमित आय पर निर्भर हैं। गैस की बढ़ती कीमतों के कारण पहले ही कई घरों में गैस का उपयोग सीमित हो गया था। अब सब्सिडी में कमी से महिलाओं के फिर से लकड़ी और उपले के चूल्हे पर लौटने की आशंका बढ़ गई है।
जिले में इंडेन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम की एजेंसियों के माध्यम से गैस आपूर्ति की जाती है। कई लाभुकों ने ई-केवाईसी, आधार लिंकिंग और बैंक खाते से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण सब्सिडी नहीं मिलने की भी शिकायत की है।
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ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला केवल आर्थिक नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छ ऊर्जा अभियान पर भी असर डाल सकता है। अब उपभोक्ताओं की नजर सरकार की आगे की नीति पर टिकी हुई है।
क्या कहती हैं महिलाएं?
रीतम देवी ने कहा कि पहले नौ सिलिंडर पर सब्सिडी मिलती थी तो किसी तरह काम चल जाता था। अब चार सिलिंडर के बाद महंगा गैस खरीदना मुश्किल होगा, इसलिए मैंने चूल्हे की व्यवस्था कर ली है।
वहीं, आशा देवी का कहना है कि परिवार बड़ा है। एक सिलिंडर मुश्किल से डेढ़ माह चलता है। बाकी समय फिर चूल्हा जलाना पड़ेगा। अब तो और मुश्किल बढ़ेगी।
सोमी देवी ने कहा कि गैस की कीमत लगातार बढ़ रही है। सब्सिडी कम होने से गरीब परिवारों पर बोझ बढ़ेगा। फिर चूल्हा फूकना महिलाओं की मजबूरी है।
मिश्री देवी ने बताया कि धुएं से आंख और सांस की परेशानी होती है। मजबूरी में फिर लकड़ी जलानी पड़ेगी। महंगा गैस खरीदना मुश्किल होगा।
सरीता देवी के अनुसार, उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से राहत दिलाई थी, यदि गैस की कीमत और सब्सिडी पर पुनर्विचार नहीं हुआ तो गरीब परिवार फिर पारंपरिक चूल्हों की ओर लौटने को मजबूर हो जाएंगे।
- उज्ज्वला उपभोक्ता : 2,83,182
- सामान्य उपभोक्ता : 1,76,979
- गैस सेवा प्रदाता : इंडेन, एचपी गैस, भारत गैस
- सब्सिडी सिलिंडर (पूर्व) : 9 प्रतिवर्ष
- सब्सिडी सिलिंडर (वर्तमान) : 4 प्रतिवर्ष
निर्धारित सरकारी नीति के आधार पर उज्ज्वला योजना का लाभ जिला के उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। उपभोक्ता को समय पर सब्सिडी मिल रही है। - प्रमोद कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी बांका