यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Uttarkashi Tunnel Collapse: उत्तराखंड की सुरंग में फंसा बिहार का वीरेंद्र; आधे घंटे में पलट गया सबकुछ... 30 मीटर अंदर गया और पीछे से गिरा मलबा
उत्तराखंड यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर निर्माणाधीन एक सुरंग के धंस जाने से 40 मजदूर फंस गए हैं। इसमें बिहार के भी चार लोग शामिल हैं। सुरंग के धंस जाने से ...और पढ़ें

HighLights
- परिवार उनके सशुकल आने का कर रहे भगवान से प्रार्थना
- दो अन्य मित्र टनल के बाहर हैं
संवाद सूत्र, जयपुर (बांका)। उत्तराखंड यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर निर्माणाधीन एक सुरंग के धंस जाने से बिहार के जयपुर-तेतरिया का एक पोकलेन ड्राइवर भी अंदर फंस गया है।
लकरामा पंचायत के तेतरिया गांव निवासी एसएचजी महिला टीम लीडर सुषमा हेंब्रम के पुत्र वीरेंद्र किस्कु शनिवार सुबह से ही उस टनल के अंदर फंसा हुआ है। जबकि झारखंड के उनके दो अन्य मित्र टनल के बाहर हैं।
पाइप के माध्यम से अंदर ऑक्सीजन पहुंचाने का काम
झारखंड बंका निवासी डंपर निवासी विकास यादव ने बताया कि सुरंग धंसने के बाद पाइप के माध्यम से अभी अंदर फंसे सभी मजदूरों को भोजन पानी पहुंचाया जा रहा है। जबकि एक और अलग पाइप के माध्यम से अंदर ऑक्सीजन पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

इस घटना की जानकारी उनके माता-पिता को मिलते ही अपने पुत्र की चिंता में परेशान है। उनकी पत्नी एवं तीन बच्चे उनके सकुशल घर वापसी को लेकर भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। वीरेंद्र के मित्र विकास यादव ने बताया कि धसान के बाद शुरुआती दौर में पाइप के माध्यम से अंदर के लोगों से बात की जाती थी।
लोगों को वॉकी-टॉकी उपलब्ध कराई गई
अब उन लोगों को वॉकी-टॉकी उपलब्ध कराई गई है। जिससे लगातार एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीम उनके संपर्क में है। बताया कि घटना के आधा घंटे पहले शनिवार सुबह वीरेंद्र बाहर आया था और उनके अंदर जाते ही लगभग 30 मीटर निर्माणाधीन सुरंग पीछे से धंस गया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीम दिन रात टीमवर्क कर मलबे को बाहर निकलने में लगा है।
मिट्टी गीली होने के कारण ऊपर से अब भी मलबा धंस रहा है, जिसके कारण विलंब हो रही है। वीरेंद्र किस्कु पिछले तीन वर्षों से नवयुवा इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड में काम कर रहा था।