VB-G RAM G: कृषि-जलवायु क्षेत्र के हिसाब से तय हुआ 'जी-रामजी' योजना का कैलेंडर, जानें कब-कब बंद रहेगा काम
जी-रामजी योजना 1 जुलाई से मनरेगा की जगह लागू होगी, जिसमें कृषि के चरम मौसम में नए कार्यों पर अस्थायी रोक रहेगी। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
जी-रामजी योजना 1 जुलाई से मनरेगा की जगह।
कृषि के पीक सीजन में नए कार्य रुकेंगे।
बांका में धान-गेहूं बुवाई-कटाई के लिए कैलेंडर।
संवाद सूत्र, बांका। मनरेगा की जगह एक जुलाई से बांका सहित पूरे देश में जी-रामजी योजना नए प्रविधानों के साथ लागू होगी। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण विकास विभाग ने खेती के पीक सीजन में किसानों को पर्याप्त कृषि मजदूर उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
इसके अनुसार धान एवं गेहूं की बोआई और कटाई के दौरान जी-रामजी के तहत नए कार्यों की स्वीकृति, शुरुआत और संचालन पर अस्थायी रोक रहेगी। यह व्यवस्था एक जुलाई से प्रभावी होगी और कृषि कार्यों के निर्धारित समय के अनुसार लागू की जाएगी।
ग्रामीण विकास विभाग की अधिसूचना के अनुसार बांका जिला कृषि-जलवायु क्षेत्र-III ए (दक्षिण-पूर्व जलोढ़ मैदान) में शामिल है। इस क्षेत्र में धान की बोआई के लिए एक जुलाई से 20 जुलाई तथा धान की कटाई के दौरान आठ नवंबर से 18 नवंबर तक जी-रामजी के अंतर्गत नए कार्य प्रारंभ नहीं किए जाएंगे।
इसी प्रकार गेहूं की बोआई के लिए 20 नवंबर से 10 दिसंबर तथा कटाई के दौरान एक अप्रैल से 10 अप्रैल तक भी यही व्यवस्था लागू रहेगी। विभाग का मानना है कि बोआई और कटाई के समय किसानों को सबसे अधिक कृषि मजदूरों की आवश्यकता होती है।
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रोजगार योजनाओं में मजदूरों के व्यस्त रहने से किसानों को समय पर श्रमिक नहीं मिल पाते, जिससे खेती प्रभावित होती है। इसी समस्या के समाधान और कृषि तथा रोजगार के बीच संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से यह नया प्रविधान लागू किया गया है।
किसानों की सुविधाओं का रखा जा रहा ध्यान
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनोरंजन प्रसाद ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता किसानों की सुविधा और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि बोआई और कटाई के समय खेतों में पर्याप्त मजदूर उपलब्ध होना आवश्यक है।
इसलिए केवल निर्धारित अवधि के लिए नए कार्यों पर रोक लगाई जाएगी। कृषि कार्य समाप्त होने के बाद जी-रामजी के तहत विकास योजनाओं का संचालन पूर्ववत शुरू कर दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण मजदूरों को भी नियमित रोजगार मिलता रहेगा।
आज और कल प्रखंडों में प्रशिक्षण कार्यशाला
एक जुलाई से वीबी-जी रामजी अधिनियम-2025 लागू हो जाएगा। ऐसे में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण द्वारा जी-रामजी के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिले के सभी प्रखंडों में प्रशिक्षण-सह- जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम आज 28 एवं कल 29 जून को प्रखंड स्तर पर आयोजित होगा।
ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव की ओर से इसको लेकर निर्देश जारी किया गया है। कार्यक्रम में मनरेगा से जुड़े सभी प्रखंड एवं पंचायत स्तरीय कर्मियों के साथ-साथ मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य के अलावे पंचायती राज संस्थाओं के अन्य प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।
एक जुलाई से जी-रामजी लागू हो रहा है। जिसमें खेती-किसानी के पीक सीजन में काम को बंद रखने का प्रविधान है। जिले में धान की रोपनी के लिए एक जुलाई से 20 जुलाई के समय को पीक माना जा रहा है। इस अवधि के दौरान जी-रामजी के तहत कार्यों का संचालन नहीं किया जाएगा।
उपेंद्र सिंह, डीडीसी।