बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और पति चंद्रशेखर को 7 साल की सजा, अवैध हथियार रखने का मामला
एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को अवैध हथियार रखने के मामले में सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। यह मा ...और पढ़ें
-1785586555659_m.webp)
पूर्व मंत्री मंजू वर्मा एवं उनके पति चंद्रशेखर वर्मा। फाइल फोटो
HighLights
पूर्व मंत्री मंजू वर्मा को सात साल की सजा।
पति चंद्रशेखर वर्मा को भी सात साल का कारावास।
अवैध हथियार रखने के मामले में दोषी करार।
जागरण संवाददाता, बेगूसराय। बहुचर्चित आर्म्स एक्ट मामले में एडीजे-2 सह एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने शनिवार को बिहार सरकार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा एवं उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोनों पर कुल 90-90 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में लेकर मंडलकारा, बेगूसराय भेजने का आदेश दिया गया।
यह फैसला चेरियाबरियारपुर थाना कांड संख्या-143/2018 से संबंधित सत्रवाद में सुनाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राम प्रकाश यादव पैरवी कर रहे थे।
अपर लोक अभियोजक राम प्रकाश यादव ने बताया कि अदालत ने मंजू वर्मा एवं उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को आर्म्स एक्ट की धारा के तहत दोषी पाते हुए सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास तथा 90-90 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान सीबीआइ के डीएसपी उमेश कुमार सहित कुल सात गवाहों की गवाही कराई गई। छापेमारी दल के अधिकारियों ने अदालत में उपस्थित होकर बरामदगी से संबंधित तथ्यों की पुष्टि की।
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोनों आरोपितों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। फैसले के समय पूर्व मंत्री के पुत्र सह चेरियाबरियारपुर से जनता दल (यू) के विधायक अभिषेक कुमार अपने समर्थकों के साथ अदालत परिसर में मौजूद थे।
लोक अभियोजक संतोष कुमार ने बताया कि वर्ष 2018 में चर्चित मुजफ्फरपुर बालिका गृह प्रकरण की जांच के दौरान सीबीआइ ने तत्कालीन मंत्री मंजू वर्मा के चेरियाबरियारपुर क्षेत्र के खांजहापुर गांव स्थित पैतृक आवास पर छापेमारी की थी।
छापेमारी के दौरान बंद कमरे से थ्री-नाट-थ्री राइफल सहित अन्य हथियार एवं कारतूस बरामद किए गए थे। इसके बाद सीबीआइ की शिकायत पर चेरियाबरियारपुर थाना में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
यह भी पढ़ें- बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर ने पटना SSP पर लगाए गंभीर आरोप, CEO से मिलकर कार्रवाई की मांग