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    एक्सप्रेस-वे से बदलेगी शाम्हो की तकदीर, गंगा पुल से सीधे जुड़ेगा बेगूसराय; भूमि सर्वे शुरू

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 06:33 AM (IST)

    रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे परियोजना के तहत गंगा नदी पर प्रस्तावित पुल से शाम्हो दियारा के लिए बेगूसराय जिला मुख्यालय तक पहुंचने का नया सीधा रास्ता स् ...और पढ़ें

    रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे परियोजना। (AI Generated Image)

    रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे परियोजना। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे से शाम्हो को मिलेगा सीधा रास्ता।

    2. गंगा पुल से शाम्हो के लिए अलग एप्रोच सड़क बनेगी।

    3. परियोजना की डीपीआर को केंद्र सरकार की मंजूरी मिली।

    शशि शेखर राय, शाम्हो (बेगूसराय)। रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे परियोजना में गंगा नदी पर प्रस्तावित पुल के साथ शाम्हो दियारा के लोगों के लिए बेगूसराय जिला मुख्यालय तक पहुंचने का नया रास्ता लगभग स्पष्ट होता दिख रहा है। परियोजना के तहत बनने वाले गंगा पुल से शाम्हो के लिए अलग एप्रोच सड़क और पहुंच पथ प्रस्तावित है।

    इसे लेकर शाम्हो अंचल कार्यालय को पुल एवं एप्रोच सड़क की जद में आने वाली भूमि की प्रकृति की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पत्र प्राप्त हुआ है। सीओ कार्यालय द्वारा संबंधित गांवों की भूमि का ब्योरा जुटाने का काम शुरू कर दिया गया है।

    जानकारी के अनुसार, एनएचएआइ के अधिकारियों द्वारा स्थानीय स्तर पर साझा की गई जानकारी और गूगल अर्थ पर प्रदर्शित परियोजना मानचित्र के मुताबिक एक्सप्रेस-वे बेगूसराय के एनएच-31 को भैरवार-सुरदासा ढाला के समीप पार करेगा।

    इसके बाद गंगा और क्यूल नदी पर लंबे पुल के सहारे आगे बढ़ते हुए सूर्यगढ़ा-मुंगेर मार्ग स्थित एनएच-80 को नदौरा और अवगिल गांवों के बीच सूर्यगढ़ा बाजार से करीब पांच किलोमीटर दूर जाकर जोड़ेगा।

    गंगा पुल से ही शाम्हो के लिए निकलेगी अलग एप्रोच सड़क

    परियोजना के प्रारंभिक नक्शे के अनुसार, गंगा नदी पर बनने वाले पुल के बीच से शाम्हो के लिए अलग एप्रोच सड़क प्रस्तावित है। यह सड़क अकहा-कुरहा गांव के पूर्वी हिस्से तक पहुंचेगी।

    वहीं, दूसरी ओर मटिहानी प्रखंड के नयागांव स्थित सार्वजनिक दुर्गा स्थान के पास भी एप्रोच रोड प्रस्तावित है। इसके निर्माण के बाद शाम्हो के लोग बांध वाली सड़क होते हुए मटिहानी ढाला के रास्ते सीधे बेगूसराय जिला मुख्यालय तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

    हालांकि परियोजना का लक्ष्य वर्ष 2028 तक पूरा करने का रखा गया है, लेकिन लगभग 719 किलोमीटर लंबे और करीब 60 हजार करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के आकार को देखते हुए निर्माण कार्य में अधिक समय भी लग सकता है।

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    डीपीआर को मिल चुकी है केंद्र की मंजूरी

    केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दे दी है।

    परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 60 हजार करोड़ रुपये है। एक्सप्रेस-वे छह राज्यों से होकर गुजरेगा और बिहार में गंगा नदी पर बनने वाला पुल इसकी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

    हालांकि पुल का अंतिम अलाइनमेंट बेगूसराय-बाया शाम्हो-सूर्यगढ़ा होगा या बेगूसराय से सीधे सूर्यगढ़ा के बीच, इस पर अंतिम निर्णय निर्माण के समय जमीन अधिग्रहण और अन्य समस्याओं को देखते हुए होगा। एक्सप्रेस-वे बेगूसराय के एनएच-31 को भैरवार-सुरदासा ढाला के समीप पार करेगा।

    अब तक मटिहानी-शाम्हो पुल से जुड़े प्रमुख घटनाक्रम

    • 2019 : तत्कालीन राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने पहली बार राज्यसभा में मटिहानी-शाम्हो पुल का मुद्दा उठाया।
    • छह दिसंबर 2019 : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र सौंपा गया।
    • 12 दिसंबर 2019 : पत्र अग्रसारित किया गया।
    • आठ जून 2020 : परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट जमा हुई।
    • 10 जून 2020 : नितिन गडकरी ने वित्तीय स्वीकृति के लिए पत्र भेजा।
    • एक दिसंबर 2020 : पहला डीपीआर तैयार हुआ।
    • 12 जुलाई 2021 : दूसरा डीपीआर तैयार किया गया।
    • 2023 : राज्यसभा में दोबारा मामला उठाकर परियोजना को गति देने की मांग की गई।
    • तीन नवंबर 2023 : गजट में शाम्हो-मटिहानी पुल का उल्लेख प्रकाशित हुआ।
    • 11 मई 2024 : चुनावी सभा में कुछ महीनों के भीतर कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई गई।
    • 2025 : शाम्हो-मटिहानी पुल को रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे परियोजना का हिस्सा बना दिया गया।
    • 2026 : डीपीआर को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद शाम्हो के लिए एप्रोच सड़क और पहुंच पथ की रूपरेखा स्पष्ट होने लगी तथा भूमि संबंधी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई।