Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    स्कूलों में 90 प्रतिशत से कम हुई बच्‍चों की उपस्थिति तो शिक्षक, एचएम, बीईओ पर गिरेगी गाज; नए दिशा-निर्देश जारी

    By Edited By: Prateek Jain
    Updated: Fri, 27 Oct 2023 06:20 PM (IST)

    Bihar School News शिक्षा विभाग द्वारा निर्देश के बाद स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है। वहीं दूसरी तरफ उपस्थिति बढ़ाने के बाद यह लगातार मेंटेन नह ...और पढ़ें

    स्कूलों में 90 प्रतिशत से कम हुई बच्‍चों की उपस्थिति तो शिक्षक, एचएम, बीईओ पर गिरेगी गाज; नए दिशा-निर्देश जारी
    स्कूलों में 90 प्रतिशत से कम हुई बच्‍चों की उपस्थिति तो शिक्षक, एचएम, बीईओ पर गिरेगी गाज; नए दिशा-निर्देश जारी

    HighLights

    1. स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पहले से हुई बेहतर
    2. उपस्थिति बरकरार रखने के लिए शिक्षा विभाग ने किए दिशा-निर्देश जारी

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। शिक्षा विभाग द्वारा निर्देश के बाद स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है। वहीं, दूसरी तरफ उपस्थिति बढ़ाने के बाद यह लगातार मेंटेन नहीं हो पा रही है, जिसके कारण निरीक्षण में कभी उपस्थित ज्यादा तो कभी कम दिखती है।

    स्कूल में उपस्थित को लगातार मेंटेन करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा नए निर्देश जारी किया गया है। अब अगर कक्षा में बच्चों की उपस्थिति 90 फीसदी से कम हुई तो वर्ग शिक्षक और प्रधानाध्यापक इसके जिम्मेदार होंगे। वह कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

    डीईओ ने जारी किया पत्र

    इसको लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार द्वारा पत्र जारी किया गया है, जिसमें यह बताया गया है कि शिक्षा विभाग द्वारा हुए वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में यह स्पष्ट किया गया है कि सभी सरकारी विद्यालयों में नामांकन का शत-प्रतिशत उपस्थिति एवं ठहराव सुनिश्चित कराएं।

    अटेंडेंस के लिए रहेंगे दो कॉलम

    जारी पत्र में यह भी कहा गया है कि पहले कई कॉलम उपस्थिति को लेकर थे, लेकिन अब विभाग के निर्देश के अनुसार उपस्थिति के दो कॉलम रहेंगे, जिसमें एक कॉलम 90 प्रतिशत उपस्थिति से अधिक वाला, जबकि दूसरा उससे कम का रहेगा।

    खबरें और भी

    जिस विद्यालय में 90 प्रतिशत से कम उपस्थिति पाई जाती है तो प्रधानाध्यापक यह अंकित करेंगे कि किन-किन कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति कम है। अगर काम उपस्थित हुई तो उसके कारण क्या हैं? उसके वर्ग शिक्षक कौन हैं?

    ऐसे वर्ग शिक्षक जिनके कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति कम रहने के कारण विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति 90 प्रतिशत से कम पाई जाती है तो ऐसे वर्ग शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी।

    साथ ही इसके लिए उसे संबंधित प्रखंड के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। अगर इसमें सुधार नहीं आता है तो प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पर भी कार्रवाई होगी।

    जिले के स्कूलों से अब तक 74279 छात्र छात्राओं का नामांकन रद्द

    जिले के स्कूलों के वैसे छात्र जो लगातार स्कूलों में अनुपस्थित थे साथ ही साथ पिछले दोनों हुए मासिक परीक्षा में अनुपस्थित पाए गए हैं, उनके नाम काटने का दौर लगातार जारी है।

    शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक जिले में 74279 छात्र-छात्राओं का नामांकन रद्द कर दिया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि इसमें से नवमी से लेकर 12वीं तक में 11193 छात्र-छात्राओं का नामांकन करता है। साथ ही उन्होंने बताया का इस बार 702 छात्र-छात्राएं मैट्रिक इंटर की परीक्षाएं से वंचित रहेंगे।

    यह भी पढ़ें - Bihar Teacher Recruitment: नवनियुक्त शिक्षकों को कैसे होगा स्कूल आवंटन? जान लें पूरी प्रक्रिया यहां