यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: रैगिंग को लेकर जमकर बवाल, भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज अनिश्चितकाल के लिए बंद; हॉस्टल कराया गया खाली
Bihar News भागलपुर में रैगिंग को लेकर देर तक बवाल चलता रहा। भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई जिसमें 300 छात्र और क ...और पढ़ें

HighLights
- कॉलेज में पुलिस और छात्रों में हुए संघर्ष में तीन सौ घायल, एक की हालत गंभीर
- प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ रैगिंग को लेकर हुआ विवाद, पुलिस पहुंची तो उलझ गए छात्र
संवाद सहयोगी, भागलपुर। भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज (बीएसई) में सोमवार की रात पुलिस और छात्रों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। इसके बाद कॉलेज को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। साथ ही हॉस्टल को खाली करा दिया गया है। संघर्ष में तीन सौ छात्र और पुलिसकर्मी घायल हो गए।
घायलों को जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में भर्ती कराया गया है। उसमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। उसकी हालत देखते हुए चिकित्सकों ने पटना रेफर कर दिया। बताया जाता है कि प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ रैगिंग को लेकर विवाद बढ़ गया।
आपस में भिड़ गए छात्र
इससे प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र आपस में भिड़ गए। विवाद को सुल्झाने के लिए प्रिंसिपल प्रो. डॉ. ओम प्रकाश राय सहित एंटी रैगिंग कमेटी और कुछ फैकल्टी मेंबर हॉस्टल पहुंचे। विवाद को ज्यादा तूल पकड़ता देख कॉलेज प्रशासन ने जीरो माइल पुलिस को सूचना दी।
कुछ देर बाद ही जीरो माइल पुलिस इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंची, जिसमें कुछ महिला सिपाही भी थीं। उग्र छात्रों ने पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया। पथराव कर दिया। इससे कई पुलिसकर्मी गंभीर घायल हो गए। इस बीच उपद्रवी छात्रों ने महिला सिपाहियों के साथ अभद्रता की सीमा लांघ दी। पुलिसकर्मियों को मुख्य सड़क तक खदेड़ दिया।
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सूचना मिलने पर पुलिस लाइन से डीएसपी संजीव कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल और शहर के लगभग सभी थानों की पुलिस इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंची। इसके बाद पुलिस ने जमकर तांडव मचाया।
वाहन से उतरते ही बरसने लगीं लाठियां
- प्रिंसिपल प्रो. डॉ. ओमप्रकाश राय अपने कुछ फैकल्टी के साथ मौजूद थे।
- पुलिसकर्मियों ने वाहन से उतरते ही लाठियां चटकाना शुरू कर दिया।
- इस दौरान प्रिंसिपल और फैकल्टी को भी नहीं बक्शा। जमकर लाठियां बरसाईं।
- उसके बाद पुलिस ने हॉस्टल में प्रवेश किया और जबरन दरवाजे तोड़कर छात्रों को बेरहमी से पीटा।
- इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. डॉ. ओम प्रकाश राय ने कहा कि पुलिस मुख्यालय, डीजीपी और एसएसपी को आवेदन के माध्यम से जानकारी दी जा रही है।
- फिलहाल कॉलेज को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। सभी हॉस्टल खाली करा दिए गए हैं।
पुलिस से गुहार लगाते रहे छात्र
हालांकि, उपद्रव में शामिल छात्र मौके की नजाकत को देखते हुए फरार हो गए थे। निर्दोष छात्रों को पुलिस की लाठी का निशाना बनना पड़ा। छात्र छोड़ देने की गुहार लगाते रहे। कॉलेज प्रबंधन भी मारपीट नहीं करने की बात पुलिस से कहता रहा, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी।
इससे 300 छात्र घायल हो गए, जबकि दर्जन भर से ज्यादा छात्र और फैकल्टी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। वहीं आधा दर्जन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। जिला पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं पुलिस उपाधीक्षक नगर को मामले की जांच सौंपी है। पुलिस का कहना है कि हालात नियंत्रण में है।