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    ATM से पैसे निकालते समय रहें सावधान; हिडन चिप लगाकर खाली हो रहे खाते, बचाव के 5 आसान टिप्स को समझ लें

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 05:59 AM (IST)

    भागलपुर में एटीएम से पैसे निकालना अब असुरक्षित हो गया है, जहाँ शातिर अपराधी स्किमर और हिडन डिवाइस लगाकर लोगों के खाते खाली कर रहे हैं। पुलिस ने निगरान ...और पढ़ें

    ATM मशीन में डिवाइस लगाकर उड़ाई गाढ़ी कमाई; 6 महीनों में कई शिकार, SSP ने गश्त बढ़ाई, रहें सावधान

    ATM मशीन में डिवाइस लगाकर उड़ाई गाढ़ी कमाई; 6 महीनों में कई शिकार, SSP ने गश्त बढ़ाई, रहें सावधान

    HighLights

    1. भागलपुर में एटीएम स्किमिंग से बढ़ रहे धोखाधड़ी के मामले।

    2. साइबर अपराधी हिडन डिवाइस से चुरा रहे बैंक खाते की जानकारी।

    3. पुलिस ने निगरानी बढ़ाई, ग्राहकों को सावधानी बरतने की सलाह।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले में एटीएम से पैसे निकालना अब पहले जितना सुरक्षित नहीं रह गया है। शातिर साइबर अपराधी एटीएम मशीनों में एक खास किस्म की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और स्किमर लगाकर आम लोगों के बैंक खातों से चुपचाप पैसे उड़ा रहे हैं। हाल के महीनों में भागलपुर जिले के तिलकामांझी, औद्योगिक, तातारपुर, बरारी और जोगसर थाना क्षेत्रों में एटीएम फ्रॉड के आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आए हैं, जिसने बैंक और पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

    सीसीटीवी कैमरों में संदिग्ध ठगों की तस्वीरें कैद होने और अधिकांश बूथों पर गार्ड तैनात होने के बावजूद बेखौफ अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। गनीमत यह है कि वर्तमान में बड़ी आबादी यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल कर रही है, वरना पीड़ितों का आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों के बैंक, एटीएम सेंटर और ज्वेलरी दुकानों पर विशेष निगरानी रखने और रोज पेट्रोलिंग (गश्त) करने का सख्त निर्देश दिया है।

    कैसे होता है फ्रॉड? जानिए साइबर ठगों का तरीका

    साइबर सेल के अधिकारियों के अनुसार, अपराधी सुनसान या बिना सुरक्षा गार्ड वाले एटीएम सेंटरों को ज्यादा निशाना बनाते हैं:

    • डिवाइस और कैमरा: ठग एटीएम कार्ड स्लॉट में एक छोटा सा स्किमिंग डिवाइस और की-पैड के ऊपर हिडन कैमरा या नकली की-पैड फिट कर देते हैं।

    • डेटा चोरी: जैसे ही ग्राहक अपना कार्ड स्वाइप कर पिन दर्ज करता है, उसकी गोपनीय जानकारी अपराधियों के पास रिकॉर्ड हो जाती है।

    • खाता खाली: इस डेटा के जरिए फर्जी कार्ड तैयार कर अपराधी कुछ ही समय में पीड़ित के खाते से हजारों-लाखों रुपये उड़ा लेते हैं।

    जब पलक झपकते ही खाली हो गए खाते

    1. 17 जुलाई 2026: बरारी निवासी विनोद कुमार के खाते से साइबर ठगों ने एटीएम फ्रॉड के जरिए 50 हजार रुपये की चपत लगाई।

    2. 13 मार्च 2026: जीरोमाइल चौक स्थित एटीएम से शीला देवी के 35 हजार रुपये उड़ा लिए गए।

    3. 14 दिसंबर 2025: तिलकामांझी थानाक्षेत्र में कुमार कृष्ण के खाते से 30 हजार रुपये का अवैध आहरण हुआ।

    4. 03 जून 2025: तिलकामांझी में ही एसएसबी जवान विशाल कुमार का 40 हजार रुपये निकाल लिया गया।

    5. जनवरी 2025: तातारपुर की मीरा देवी से 50 हजार और सिंहकुंड के रघुनंदन कुमार से 25 हजार रुपये की ठगी हुई।

    (नोट: बीते 7 जुलाई को मोजाहिदपुर थानाक्षेत्र में यूको बैंक एटीएम से धोखाधड़ी करते हुए सीवान निवासी नीतीश कुमार तिवारी नामक एक शातिर को दबोचने में पुलिस को सफलता मिली थी।)

    एटीएम का इस्तेमाल करते समय बरतें यह सावधानियां

    • मशीन की जांच करें: एटीएम कार्ड डालने वाले स्लॉट (Card Slot) या की-पैड में कोई संदिग्ध डिवाइस, चिप या ढीला पार्ट दिखे तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

    • पिन ढककर दर्ज करें: एटीएम पिन दर्ज करते समय की-पैड को दूसरे हाथ या पर्स से ढक लें ताकि कोई हिडन कैमरा उसे रिकॉर्ड न कर सके।

    • अनजान से मदद न लें: एटीएम बूथ के अंदर किसी भी अनजान व्यक्ति की मदद लेने से बचें।

    • दीवार पर लिखे नंबरों पर कॉल न करें: यदि आपका कार्ड मशीन में फंस जाए तो सीधे अपने बैंक या 112 पर पुलिस को सूचना दें। दीवार या एटीएम पर लिखे किसी संदेहास्पद मोबाइल नंबर पर भूलकर भी कॉल न करें।

    • तुरंत ब्लॉक कराएं: किसी भी अप्रिय लेन-देन का मैसेज आते ही अपने बैंक ऐप या कस्टमर केयर के जरिए तुरंत कार्ड ब्लॉक कराएं।