भागलपुर के बाबूपुर घाट पर चलने लगे कार्गों जहाज, ट्रक-बाइक से लदी स्टीमर कर रही गंगा पार
विक्रमशिला सेतु बंद होने के कारण बाबूपुर घाट से गंगा पार मालवाहक जलयानों का संचालन तेज हो गया है। ...और पढ़ें
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बाबूपुर में माल वाहक पर लोड वाहन। (जागरण)
HighLights
विक्रमशिला सेतु बंद होने से जलयान संचालन तेज।
बाबूपुर घाट से ट्रक, बाइक की ढुलाई जारी।
प्रशासनिक निगरानी में सुचारु आवागमन सुनिश्चित।
संवाद सूत्र, रजंदीपुर (सबौर )। विक्रमशिला सेतु बंद रहने के बीच गंगा पार आवागमन और माल ढुलाई के लिए बाबूपुर घाट से जलयान परिचालन अब धीरे-धीरे गति पकड़ने लगा है।
गुरुवार को बाबूपुर घाट से कई चरणों में मालवाहक स्टीमर का संचालन किया गया, जिसमें ट्रक, 407 वाहन और दोपहिया वाहनों की बड़े पैमाने पर ढुलाई की गई। घाट पर दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही और लोडिंग का सिलसिला चलता रहा।
सुबह 7:45 बजे बाबूपुर घाट से पहली बड़ी स्टीमर रवाना हुई। इस जलयान पर पांच बाइक, कई 407 वाहन तथा करीब 12 ट्रकों की लोडिंग की गई। घाट पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतार लगी रही और मजदूरों की मदद से क्रमवार वाहनों को जलयान पर चढ़ाया गया।
इसके बाद सुबह 11:45 बजे दूसरी छोटी स्टीमर का परिचालन किया गया। इस स्टीमर में पांच ट्रक, पांच 407 वाहन तथा करीब 10 दोपहिया वाहनों को लोड कर गंगा पार भेजा गया। घाट पर मौजूद लोगों ने वाहनों की लोडिंग और जलयान परिचालन का वीडियो और फोटो भी बनाया।
प्रशासन कर रहा निगरानी
जलयान परिचालन के दौरान प्रशासनिक स्तर पर निगरानी भी रखी जा रही है। तैनात दंडाधिकारी और स्टीमर प्रबंधन की मौजूदगी में वाहनों को क्रमबद्ध तरीके से चढ़ाया गया, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
जलयान संचालक कन्हैया कुमार ने बताया कि जरूरत के अनुसार मालवाहक स्टीमर का परिचालन किया जा रहा है। गंगा पार आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए ट्रिप संख्या बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वाहनों के दबाव को देखते हुए आगे और जलयानों के संचालन पर भी विचार किया जा रहा है।