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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मंडप में साली हंस ना दे, इसलिए होने वाले जीजा चमका रहे दांत; खर्च की भी परवाह नहीं

    Updated: Thu, 14 Nov 2024 02:13 PM (GMT+05:30)

    शादी के मंडप में होने वाले जीजा जी अपने दांतों को लेकर चिंतित हैं। वे नहीं चाहते कि उनकी होने वाली पत्नी या साली उनके दांतों को देखकर कुछ कहे इसलिए वे ...और पढ़ें

    मंडप में साली हंस ना दे, इसलिए होने वाले जीजा चमका रहे दांत (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    मंडप में साली हंस ना दे, इसलिए होने वाले जीजा चमका रहे दांत (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    HighLights

    1. शादी से पहले मोतियों जैसे दांत के लिए युवा लगा रहे क्लीनिकों के चक्कर
    2. कोई दांत साफ करा रहा तो कोई करा रहा वेनीर, चिकित्सकों की भी चांदी
    3. गुटखा और पान चबाने वाले युवा खर्च की नहीं कर रहे परवाह

    मिहिर, भागलपुर। शादी के मंडप में साली अपनी सखी से कहीं यह नहीं कह दे कि जीजाजी गुटखा खाते हैं। उनके दांत तो देखो, सफेद नहीं, बल्कि बदरंग हैं। शादी के समय दूल्हे को यह बात नहीं सुननी पड़े, इसलिए युवा अभी से ही इसकी तैयारी में जुट गए हैं। जि

    न युवाओं की शादी इस लग्न में होने वाली है वे इन दिनों दंत चिकित्सकों के पास चक्कर लगा रहे हैं। कोई अपने दांत को साफ करा रहा है, तो कोई वेनीर करा रहा है। दांत मोतियों सा झलकें इसके लिए युवा खर्च की भी परवाह नहीं कर रहे हैं।

    होने वाली पत्नी की बात सुन पहुंच रहे क्लीनिक

    शादी-विवाह का मुहूर्त आरंभ हो गया है। ऐसे में जिनकी शादी दो माह के अंदर है वे अपने दांतों को लेकर परेशान हैं। होने वाली पत्नी सीधे कह रही है कि गुटखा खाने से आपके दांत खराब हो चुके हैं। मंडप में आपका यह दांत दिखा तो लोग क्या कहेंगे। होने वाली पत्नी की यह बात सुनकर युवा सीधे क्लीनिक पहुंच रहे हैं। वे चिकित्सक से ऐसा उपाय खोजने को रहे हैं जो उनके दांतों को पहले की तरह चमका दे।

    युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही वेनीर तकनीक

    काले और गुटखा-पान से सने दांत वाले युवाओं के लिए आधुनिक तकनीक वेनीर वरदान बनकर सामने आई है। इस तकनीक से युवाओं के दांत मोती की तरह चमकने लगते हैं। इसे लगाने के बाद युवा सामान्य जीवन जीते हैं। दरअसल, वेनीर के माध्यम से आगे के दांत में शीशा और दूसरे मेटेरियम से बने कृत्रिम दांत से कवर कर दिया जाता है। आगे का कवर शीशे का होता है।

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    जिनके दांत खराब हैं उनका पहले कंप्यूटर से दांत का सटीक माप लिया जाता है। इसके आधार पर दांत बनाया जाता है। फिर इस दांत को सामने वाले दांत पर लगा दिया जाता है। इस कवर पर जल्दी कोई दाग नहीं पकड़ता है। इसे लगाकर ब्रश, भोजन आदि सबकुछ किया जा सकता है।

    क्या यह हानिकारक तो नहीं है?

    दांत की तीन परतें होती हैं। वेनीर को लगाने के लिए जो पहली परत होती है उसे हटा दिया जाता है। वेनीर सामने के छह दांतों में लगाया जाता है। इसलिए केवल छह दांतों की ही पहली परत हटाई जाती है। दो परतें जो संवेदनशील होती हैं उन्हें रहने दिया जाता है। इस वजह से दांत पर वेनीर लगाने से कोई खास असर नहीं पड़ता है। एक दांत लगाने का खर्च दस हजार रुपये तक आता है।

    विकल्प के रूप में साफ करा सकते हैं दांत

    जो युवा दांत में वेनीर लगवाने में सक्षम नहीं हैं या नहीं लगवाना चाहते हैं वह अपने दांत को साफ करा रहे हैं। इसमें दांत को ब्लीचिंग से साफ किया जाता है। इसके बाद दांतों को पालिस भी किया जाता है। हालांकि दांत साफ करने के बाद अगर कोई फिर से गुटखा और पान का सेवन करता है तो फिर से दांत में दाग लग जाता है। इस पर खर्च एक वेनीर लगाने से भी कम आता है।

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