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    दुर्लभ खनिजों के नक्शे पर चमकेगा भागलपुर; बटेश्वरस्थान की पहाड़ियों में मिला खजाना, EV व रक्षा तकनीक का बनेगा केंद्र

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 09:14 AM (GMT+05:30)

    भागलपुर के बटेश्वरस्थान की पहाड़ियों में दुर्लभ खनिज (REE) जैसे लैंथेनम और सेरियम पाए गए हैं। यह खोज इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर और रक्षा उपकरणों के ...और पढ़ें

    बाबा बटेश्वरनाथ धाम की पहाड़ियों के गर्भ में मिले लैंथेनम, सेरियम, टाइटेनियम और क्रोमाइट जैसी दुर्लभ संपदा के संकेत

    बाबा बटेश्वरनाथ धाम की पहाड़ियों के गर्भ में मिले लैंथेनम, सेरियम, टाइटेनियम और क्रोमाइट जैसी दुर्लभ संपदा के संकेत


    HighLights

    1. बटेश्वरस्थान की पहाड़ियों में दुर्लभ खनिज तत्वों (REE) का पता चला।

    2. यह खोज EV, सेमीकंडक्टर और रक्षा तकनीक के लिए महत्वपूर्ण।

    3. खनिज भंडार के मूल्यांकन हेतु जी-1 स्तर का अन्वेषण जारी।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर।  उत्तरवाहिनी गंगा की अविरल धारा, बाबा बटेश्वरनाथ की आध्यात्मिक आभा और अब धरती की गहराइयों में छिपी दुर्लभ खनिज संपदा—कहलगांव-पीरपैंती का बटेश्वरस्थान इन तीनों का अद्वितीय संगम बन चुका है। जहां सदियों से 'हर-हर महादेव' के जयघोष गूंजते रहे हैं, वहीं अब इन्हीं पहाड़ियों के गर्भ में छिपे रेयर अर्थ एलिमेंट्स (Rare Earth Elements - REE) भारत के तकनीकी और औद्योगिक भविष्य की नई इबारत लिखने को तैयार हैं।

    बटेश्वरस्थान की करोड़ों वर्ष पुरानी चट्टानों में प्रारंभिक सर्वेक्षणों के दौरान लैंथेनम, सेरियम, टाइटेनियम, क्रोमाइट और अन्य अति-दुर्लभ खनिजों की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकार की खनन एजेंसियों ने इस क्षेत्र में जी-1 (G-1) स्तर का विस्तृत वैज्ञानिक अन्वेषण शुरू कर दिया है।

    EV, सेमीकंडक्टर और रक्षा उपकरणों के निर्माण में मिलेगी नई ताकत

    भूवैज्ञानिकों का मानना है कि इन चट्टानों में छिपी यह प्राकृतिक धरोहर केवल सामान्य धातुएं नहीं हैं, बल्कि यह आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहन (EV), सेमीकंडक्टर, रक्षा उपकरण, अंतरिक्ष (एयरोस्पेस) तकनीक और हरित ऊर्जा (Green Energy) का आधार बनने वाली हैं।

    यदि जी-1 अन्वेषण में इन खनिजों का पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण भंडार प्रमाणित हो जाता है, तो भागलपुर की पहचान केवल सिल्क सिटी, गंगा और विक्रमशिला तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह देश के क्रिटिकल मिनरल मैप पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।

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    क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी

    "बटेश्वरस्थान क्षेत्र में जी-1 स्तर का विस्तृत अन्वेषण जारी है। इस चरण में खनिज की मात्रा, गुणवत्ता, गहराई और आर्थिक उपयोगिता का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाता है। रिपोर्ट के आधार पर भारतीय खनिज ब्यूरो (IBM) के मानकों के अनुसार संसाधनों का सटीक आकलन होगा। पर्याप्त भंडार प्रमाणित होने के बाद ही नीलामी और आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू होगी।" — कुमार रविशंकर, जिला खनन पदाधिकारी, भागलपुर

    "बटेश्वरस्थान भागलपुर की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यदि वैज्ञानिक अन्वेषण में यहां क्रिटिकल मिनरल्स की पर्याप्त उपलब्धता मिलती है, तो यह जिले के आर्थिक विकास के लिए नए अवसर लाएगा। वैज्ञानिक मानकों, पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विकास और विरासत दोनों के संरक्षण पर काम किया जाएगा।" — अलंकृता पांडेय, जिलाधिकारी, भागलपुर