भागलपुर: पति की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई पत्नी, एक साथ उठी दोनों की अर्थी
भागलपुर के बिहपुर में एक दंपती ने साथ जीने-मरने का वादा निभाया। पति की मौत की खबर सुनते ही पत्नी ने भी प्राण त्याग दिए, जिससे पूरे इलाके में उनके प्रे ...और पढ़ें

कृष्णकांत कुंवर और रूक्मिणी देवी। फाइल फोटो
HighLights
बिहपुर में पति-पत्नी ने साथ जीने-मरने का वादा निभाया।
पति की मौत की खबर सुन पत्नी ने भी प्राण त्यागे।
पूरे गांव में दंपती के अथाह प्रेम की चर्चा।
मिथिलेश कुमार, बिहपुर। 'छोड़ेगें ना तेरा साथ ओ साथी, मरते दम तक' यह गाना भले ही फिल्मी है, लेकिन इस कथन को बिहपुर प्रखंड के बिहपुर दक्षिण पंचायत के सोनवर्षा वार्ड नंबर सात निवासी एक दंपती ने सच कर दिया।
शुक्रवार की शाम तबियत खराब होने पर सोनवर्षा निवासी 85 वर्षीय कृष्णकांत कुंवर उर्फ फेको हजारी को स्वजन इलाज के लिए खरीक सीएचसी ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने बेहतर इ्लाज के लिए जेएलएनएमसीएच, मायागंज रेफर कर दिया।
जहां करीब देर शाम करीब पौने आठ बजे उनकी मौत हो गई। इस मौत की खबर स्वजनों ने फोन पर घर में उनकी पत्नी 72 वर्षीय रूक्मिणी देवी को दिया। जीवनसाथी के ना रहने की खबर सुनने के कुछ देर बाद ही रूक्मिणी देवी ने अपने प्राण त्याग दिए।
गांव में प्रेम की प्रसंशा
मुखिया नीनारानी, प्रवीण उर्फ फोर्ड, अजय उर्फ लाली कुंवर, सरपंच निशा देवी व पैक्स अध्यक्ष गोपाल कुंवर आदि ने कहा कि जिसने भी इस दंपत्ति के इस तरह से मौत होने की खबर को सुना, पहले तो वह सन्न हुआ, फिर इन दोनों के परस्पर प्रेम, स्नेह व हृदय से लगाव को नमन भी किया।
खबरें और भी
पूर्व प्रमुख अरविंद चौधरी, सरपंच प्रतिनिधि मिथिलेश कुमार, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि शिव कुंवर व कंप्यूटर शिक्षक प्रवीण कुमार आदि ने कहा, "लोग बोल देते हैं कि आपके बिना मैं नहीं जी पाउंगा/पाउंगी, लेकिन हकीकत में ऐसा होता नहीं है। विरले ही फेको हजारी व रूक्मिणी देवी जैसे पवित्र लोग होते हैं। जो एक-दूसरे के बिछड़ने के वियोग को सहन तक नहीं कर सके।
शनिवार को इस दंपत्ति का शव एकसाथ घर से निकला तो पूरा टोला व गांव ही नहीं, बल्कि पूरा इलाका इन दोनों के अथाह प्रेम व समर्पण को नमन भी किया।
भतीजा नवनीत व शिक्षक अनुपम राज ने बताया कि दंपत्ति अपने पीछे दो पुत्र, चार पुत्री समेत पोता राहुल, सोनू व नित्यम समेत भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं।
यह भी पढ़ें- Samastipur ASI Death: पिता की मौत के बाद अनुकंपा पर मिली थी बिहार पुलिस में नौकरी, पूरे गांव में मातम