Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    '4 बम लगाए हैं, जल्द फटने वाले हैं', भागलपुर कोर्ट परिसर को उड़ाने की धमकी; ईमेल में लिखा DMK नेता का नाम

    By Kaushal Kishor MishraEdited By: Krishna Bahadur Singh Parihar
    Updated: Mon, 09 Feb 2026 12:37 PM (IST)

    भागलपुर व्यवहार न्यायालय को सोमवार को एक ईमेल के जरिए आरडीएक्स बम से उड़ाने की धमकी मिली। ईमेल भेजने वाले ने खुद को अरुण कुमार बताया और उदयनिधि स्टालि ...और पढ़ें

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश के ऑफिसियल ई-मेल पर सोमवार को एक बार फिर धमकी भरा मैसेज भेज सनसनी मचा दी है।

    ई-मेल भेजने वाले ने खुद को अरुण कुमार और उन्नी प्रसाद बताते हुए कहा है कि उदयनिधि स्टालिन ने दुष्कर्म और छेड़छाड़ की, लेकिन वहां केस दर्ज नहीं किया गया। कोर्ट, जज चैंबर और वॉशरूम में चार आरडीएक्स बम लगाए गए हैं, जो जल्द फटने वाले हैं।

    ई-मेल प्रधान जिला जज को सोमवार की सुबह 5:04 : 48 बजे भेजा गया। जिसमें कोर्ट स्टाफ-रिसेप्शन को आगाह करते हुए कहा है कि तमिलनाडु के कांस्टेबलों को निवेथा पेथुराज और दूसरी डीएमके की रखैलों के कपड़े और गंदे बर्तन साफ करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

    कई लोगों को इस वजह से बेइज्जती और दस्त हुए हैं। इसलिए, पूर्व क्यू ब्रांच के सदस्यों ने आजाद कश्मीर पाक आईएसआई सदस्यों के साथ मिलकर इस प्रथा के खिलाफ आवाज उठाने और तमिलनाडु में कांस्टेबलों के लिए 1979 के नैनार दास पुलिस यूनियन की सिफारिशों को लागू करवाने के लिए आपकी कोर्ट बिल्डिंग को निशाना बनाया है। हमारी मांगों को सुनाने का हमारे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है...सॉरी।

    अलर्ट पर पुलिस 

    उक्त धमकी भरे ई-मेल की जानकारी पर प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार सिंह ने डीएसप-एसएसपी को सभी सुरक्षात्मक उपाय करने को कहा। उक्त धमकी भरे ई-मेल की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम को न्यायालय परिसर भेज सुरक्षा जांच समेत अन्य सतर्कता बरतने के लिए भेजा।

    खबरें और भी

    वरीय पुलिस अधिकारियों की टीम जैसे ही मौके पर पहुंची सुरक्षा दृष्टिकोण से पूरा न्यायालय परिसर खाली करा दिया गया। न्यायिक पदाधिकारियों को कड़ी सुरक्षा घेरे में उनके आवासीय परिसर भेज दिया गया।

    न्यायालय परिसर के प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, हैंड मेटल डिटेक्टर,बैग स्कैनर और माइंस डिटेक्टर उपकरणों से लैस पुलिसकर्मी कचहरी परिसर का चप्पा-चप्पा छान मारा। डॉग स्क्वॉड से भी सघन तलाशी अभियान चलाया गया।

    WhatsApp Image 2026-02-09 at 12.22.52 PM

    न्यायालय परिसर के गार्डन, वाहन पार्किंग स्थल, शौचालय और उसके इर्द-गिर्द के क्षेत्र के अलावा सभी न्यायालय कक्ष की सुरक्षा जांच कराई गई। कहीं किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ बरामद नहीं हुआ।

    कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से भी व्यवहार न्यायालय परिसर में लोगों की आवाजाही और अन्य गतिविधियों की निगरानी रखी जा रही है।

    कचहरी परिसर आने वाले मुवक्किलों और निर्माण कार्य में लगे कामगारों के बैग-थैले आदि की सुरक्षा कर्मी तलाशी ले रहे हैं, ताकि किसी किस्म की सुरक्षा चूक ना रहे। न्यायालय परिसर से सटे जयप्रकाश उद्यान वाले क्षेत्र पर भी पुलिस निगरानी रख रही है।

    कचहरी परिसर से सटे दुकानों की गतिविधियों पर जोगसर और तिलकामांझी थाने की पुलिस टीम निगरानी रख रही है।

    ई-मेल में बताया कैसे होंगे ब्लास्ट

    सी-4 आरडीएक्स के बने तीन आरडीएक्स आईईडी पहले ही बिल्डिंग के जरूरी जगहों पर रख दिए गए हैं। एक या दो सदस्य लंच के समय कोर्ट के पास आएंगे और जब रिमोट कंट्रोल ट्रिगर ले जाने वाले क्यू ब्रांच-आईएसआई सदस्य बिल्डिंग से 100 फीट के दायरे में आएंगे, तो आईईडी अपने आप फट जाएंगे।

    अगर किसी वजह से वे एक्टिवेट नहीं होते हैं, तो सदस्य खुद कोर्ट बिल्डिंग के अंदर जाएंगे और श्रीलंका के ईस्टर ऑपरेशन की तरह भी वकीलों के साथ खुद को उड़ा लेंगे। हम एक संदेश देना चाहते हैं और अभी के लिए आपका कोर्ट सबसे आसान निशाना है। हम इसकी जिम्मेदारी लेते हैं और किसी भी कीमत पर अपनी आवाज सुनाना चाहते हैं।

    इसके अलावा सभी न्यायालय कक्ष की सुरक्षा जांच कराई गई। कहीं किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ बरामद नहीं हुआ। कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से भी व्यवहार न्यायालय परिसर में लोगों की आवाजाही और अन्य गतिविधियों की निगरानी रखी जा रही है।

    कचहरी परिसर आने वाले मुवक्किलों और निर्माण कार्य में लगे कामगारों के बैग-थैले आदि की सुरक्षा कर्मी तलाशी ले रहे हैं ताकि किसी किस्म की सुरक्षा चूक ना रहे। न्यायालय परिसर से सटे जयप्रकाश उद्यान वाले क्षेत्र पर भी पुलिस निगरानी रख रही है।

    कचहरी परिसर से सटे दुकानों की गतिविधियों पर जोगसर और तिलकामांझी थाने की पुलिस टीम निगरानी रख रही है। ई-मेल से मिली धमकी मामले में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार ने रेंज आईजी विवेक कुमार, प्रमंडलीय आयुक्त अवनीश कुमार, जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी से घटना की जानकारी ली है।

    44 मोटर साइकिल, 14 स्कूटी, 21 कारें और 13 ई-रिक्शा की भी की गई जांच

    सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह की निगरानी में व्यवहार न्यायालय परिसर और उसकी चारदीवारी से सटे क्षेत्र में मौजूद वाहनों की सघन जांच कराई गई। मेटल डिटेक्टर, माइंस डिटेक्टर और श्वान दस्ते के साथ पुलिस टीम ने 44 मोटर साइकिल, 14 स्कूटी, 21 कारें और 13 ई-रिक्शा की सुरक्षा जांच की। इस दौरान कोई विस्फोटक पदार्थ बरामद नहीं हो सका।

    साइबर थाने में दर्ज हुआ केस

    धमकी मामले में साइबर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। डीएसपी थानाध्यक्ष कनिष्क श्रीवास्तव ने छानबीन करते हुए धमकी भरे ईमेल की आईडी की पहचान के लिए माइक्रोसॉफ्ट के नोडल पदाधिकारी को ईमेल के जरिए अर्जी भेज दी है।

    यह भी पढ़ें- पप्पू यादव की बेल पर ब्रेक: पूर्णिया सांसद जेल में ही रहेंगे, पटना में कोर्ट को उड़ाने की धमकी बनी वजह