ड्रोन से खेती को मिली रफ्तार, 6 मिनट में 1 एकड़ का छिड़काव; बिहार सरकार दे रही 50% सब्सिडी
भागलपुर में किसान आधुनिक ड्रोन तकनीक अपना रहे हैं, जिससे खाद और कीटनाशक का छिड़काव तेजी से हो रहा है। रबी सीजन में अब तक 600 एकड़ में ड्रोन से छिड़काव ...और पढ़ें

ड्रोन से खेती को मिली रफ्तार, 6 मिनट में 1 एकड़ का छिड़काव (AI Generated Image)

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले में किसान तेजी से आधुनिक तकनीक अपना रहे हैं। ड्रोन से खाद और कीटनाशक के छिड़काव को लेकर किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। रबी सीजन के दौरान अब तक जिले में करीब 600 एकड़ भूमि में ड्रोन से सफलतापूर्वक उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव कराया जा चुका है। कृषि विभाग ने जिले में कुल 2400 एकड़ में ड्रोन से छिड़काव का लक्ष्य दिया है।
खाद और कीटनाशक के पारंपरिक छिड़काव में होने वाली परेशानी से किसानों को राहत दिलाने के लिए सरकार द्वारा किराए पर ड्रोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही निर्धारित दर पर 50 फीसद तक अनुदान भी दिया जा रहा है। इसके लिए किसानों को डीबीटी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पौधा संरक्षण विभाग के सहायक निदेशक सुजीत कुमार पाल ने बताया कि ड्रोन से छिड़काव कराने पर किसानों को सरकार की ओर से 50 फीसद तक अनुदान दिया जा रहा है। रैयत किसानों को आवेदन के दौरान भूमि रसीद अपलोड करनी होगी, जबकि गैर-रैयत किसानों को स्वघोषणा पत्र डाउनलोड कर भरने के बाद पोर्टल पर अपलोड करना होगा। आवेदन स्वीकृत होने के बाद किसान अपनी सुविधा अनुसार ड्रोन बुक कर खेतों में छिड़काव करा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि ड्रोन से एक एकड़ में छिड़काव की लागत 419 रुपये निर्धारित है, जिसमें से 50 फीसद अनुदान मिलने के बाद किसानों को मात्र 209 रुपये प्रति एकड़ का भुगतान करना होगा। एक किसान को अधिकतम 15 एकड़ तक इस अनुदान का लाभ दिया जाएगा। इससे अधिक रकबा होने पर पूरा किराया देना होगा।
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जिले में इस वर्ष 1100 एकड़ में ड्रोन से छिड़काव का लक्ष्य रखा गया है। ड्रोन तकनीक से किसानों को समय, लागत और श्रम तीनों की बचत हो रही है। पारंपरिक तरीके से जहां एक एकड़ में छिड़काव में पांच से छह घंटे का समय लगता है, वहीं ड्रोन से यह काम महज 10 से 12 मिनट में पूरा हो जाता है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पानी की खपत भी काफी कम हो रही है। सामान्य स्प्रे मशीन से जहां प्रति एकड़ करीब 100 लीटर पानी खर्च होता है, वहीं ड्रोन से केवल 10 लीटर पानी में ही छिड़काव संभव है।