Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    4 महीने बाद भी 2021 सरकारी स्कूलों में FRS हाजिरी ठप; भागलपुर में 1.65 लाख बच्चे अब भी अनरजिस्टर्ड

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 07:59 AM (IST)

    भागलपुर के 2,021 सरकारी स्कूलों में नए सत्र के चार माह बाद भी FRS आधारित डिजिटल उपस्थिति शुरू नहीं हो पाई है। जिले के 1.65 लाख से अधिक छात्र अभी भी FR ...और पढ़ें

    जिले में कुल 5.33 लाख में से 69% छात्रों का ही हुआ फेस रजिस्ट्रेशन; महज 2 प्रतिशत विद्यालयों में शुरू हो सका ट्रायल

    जिले में कुल 5.33 लाख में से 69% छात्रों का ही हुआ फेस रजिस्ट्रेशन; महज 2 प्रतिशत विद्यालयों में शुरू हो सका ट्रायल


    HighLights

    1. भागलपुर के 2,021 स्कूलों में FRS हाजिरी चार माह से ठप।

    2. जिले के 1.65 लाख से अधिक छात्र FRS पर अपंजीकृत।

    3. शिक्षकों का 98% पंजीकरण पूरा, छात्रों का काम अटका।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हुए चार माह बीत जाने के बाद भी भागलपुर जिले के 2,021 सरकारी विद्यालयों में फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) आधारित डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था अब भी धरातल पर नहीं उतर सकी है। शिक्षा विभाग के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि जिले के कुल 5,33,915 विद्यार्थियों में से अब तक केवल 3,68,894 (करीब 69 प्रतिशत) बच्चों का ही एफआरएस पंजीकरण हो पाया है।

    हालत यह है कि जिले के 1,65,021 (करीब 31 प्रतिशत) बच्चे आज भी अनरजिस्टर्ड हैं। यही वजह है कि जिले के महज 2 प्रतिशत विद्यालयों में ही फिलहाल ट्रायल मोड पर उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जबकि बाकी 98 फीसदी स्कूलों में व्यवस्था शुरू ही नहीं हो पाई है। शिक्षा विभाग मुख्यालय द्वारा शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन के बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर मानिटरिंग की ढिलाई से प्रधानाध्यापकों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

    शिक्षकों का 98% रजिस्ट्रेशन पूरा, छात्रों का काम अटका

    विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शिक्षकों के पंजीकरण की स्थिति काफी बेहतर है। जिले के कुल 17,238 शिक्षकों में से 16,891 शिक्षकों (करीब 98%) का FRS पंजीकरण पूरा हो चुका है और केवल 347 शिक्षक ही अनरजिस्टर्ड बचे हैं। लेकिन छात्रों के मामले में उदासीनता बरती जा रही है, जिससे योजना हवा में लटकी हुई है।

    प्रखंडवार आंकड़े: कहलगांव और पीरपैंती में सबसे ज्यादा बच्चे वंचित

    विभाग द्वारा जारी प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार, सबसे खराब स्थिति कहलगांव और पीरपैंती प्रखंडों की है:

    • कहलगांव: 22,278 छात्र अनरजिस्टर्ड (जिले में सबसे अधिक)

    • पीरपैंती: 20,297 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • सनहौला: 12,752 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • भागलपुर नगर निगम: 11,608 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • खरीक: 10,105 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • नवगछिया: 10,069 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • जगदीशपुर: 9,734 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • गोराडीह: 8,696 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • सुल्तानगंज: 8,645 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • शाहकुंड: 7,968 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • सबौर: 7,695 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • नाथनगर: 7,185 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • बिहपुर: 6,382 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • रंगरा चौक: 6,355 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • गोपालपुर: 5,876 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • नारायणपुर: 5,822 छात्र अनरजिस्टर्ड

    • इस्माइलपुर: 3,554 छात्र अनरजिस्टर्ड

    मानिटरिंग और जवाबदेही पर उठे सवाल

    शिक्षा विभाग के सख्त निर्देशों के बावजूद यदि चार माह बाद भी 31 फीसदी छात्र पंजीकरण से वंचित हैं, तो यह जिला स्तर पर नियमित समीक्षा की कमी को दर्शाता है। यदि समय पर जवाबदेही तय की जाती, तो इतनी बड़ी संख्या में छात्र FRS पंजीकरण से बाहर नहीं रहते।

    खबरें और भी