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    जूडियो फ्रेंचाइजी के नाम पर 47.61 लाख रुपये की साइबर ठगी, भागलपुर में केस दर्ज

    Updated: Wed, 15 Apr 2026 01:38 PM (IST)

    भागलपुर में जूडियो फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 47.61 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर थाना ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, भागलपुर। ब्रांडेड कपड़ों की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर 47.61 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला प्रकाश में आया है। मामले में भागलपुर साइबर थाना ने पीड़ित के आवेदन पर 13 अप्रैल 2026 को दर्ज केस संख्या 29/26 दर्ज किया है। जिसकी जांच साइबर थानाध्यक्ष डीएसपी कनिष्क श्रीवास्तव स्वयं कर रहे हैं।

    साइबर थाने में पहचान छिपाकर ठगी, धोखाधड़ी, दस्तावेजों की जालसाजी और कंप्यूटर रिसोर्स का दुरुपयोग कर अपराध से जुड़े मामले में केस दर्ज कराया गया है।

    क्या है पूरा मामला?

    पीड़ित को जूडियो ब्रांड की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर साइबर ठगों ने झांसे में लिया। अलग-अलग बहानों से छह किस्तों में कुल 47,61,000 वसूल लिए गए। ठगी का पैटर्न इस तरह था।

    रजिस्ट्रेशन चार्ज 2,51,000 रुपये, एरिया लॉकिंग चार्ज 3,85,000 सिक्योरिटी मनी 10,00,000 एग्रीमेंट फीस 9,50,000NOC फीस,12,75,000 फ्रेंचाइजी फीस, 9,00,000 कुल 47,61,000।

    पीड़ित ने बताया कि हर बार झूठे आश्वासन और गलत जानकारी देकर पैसे मांगे गए। ठगी का अहसास होने पर सबसे पहले साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की गई।

    अब यूं होगी जांच

    केस दर्ज होने के बाद साइबर थानाध्यक्ष और उनकी तकनीकी टीम अब बैंक ट्रांजेक्शन की मनी ट्रेल खंगालेगी। जिन खातों में पैसे गए हैं, उन्हें फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही आरोपितों की तरफ से इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और फेक वेबसाइट के यूआरएल को ट्रेस किया जाएगा।

    गौरतलब है कि हाल में नाथनगर से एक ऐसे ही अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का खुलासा हुआ था, जो 38 फर्जी ई-मेल आईडी से फिशिंग वेबसाइट चलाकर देशभर में ठगी कर रहा था। उसके दो बैंक खातों पर छह राज्यों में 11 केस दर्ज थे। पुलिस यह भी जांच करेगी कि कहीं यह फ्रेंचाइजी फ्रॉड उसी गिरोह से तो नहीं जुड़ा है।

    एसएसपी की सख्ती, साइबर डीएसपी करेंगे जांच

    एसएसपी प्रमोद कुमार यादव पहले ही साइबर क्राइम पर जीरो टॉलरेंस की नीति की बात कह चुके हैं। इसी के तहत इस हाई-वैल्यू फ्रॉड केस की जांच डीएसपी थानाध्यक्ष खुद कर रहे हैं।

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    फ्रेंचाइजी फ्रॉड से कैसे बचें

    ब्रांड से सीधे संपर्क कर जूडियो, टाटा, डी-मार्ट जैसी कंपनियां फ्रेंचाइजी के लिए कभी भी इंटरनेट मीडिया या फोन कॉल से संपर्क नहीं करतीं। सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर बात करें।

    पैसे भेजने से पहले करें जांच

    कंपनी का जीएसटी, सीआईएन नंबर, रजिस्टर्ड ऑफिस एड्रेस एमसीए की वेबसाइट पर वेरिफाई करें। व्यक्तिगत या करेंट अकाउंट में पैसे न भेजें। गोल्डन आवर का इस्तेमाल करें। ठगी होते ही 1930 पर कॉल करें। 24 घंटे के भीतर शिकायत पर पैसे होल्ड होने के चांस सबसे ज्यादा होते हैं।

    एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने लोगों से अपील की है कि फ्रेंचाइजी, लोन या नौकरी के नाम पर एडवांस पैसे मांगने वालों से सावधान रहें। किसी भी बड़ी रकम ट्रांसफर करने से पहले साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाना से सलाह लें।