यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bhagalpur Metro Latest News: भागलपुर शहर के 15 KM रेडियस में फैलेगा मेट्रो का जाल, एलिवेटेड होंगे सारे स्टेशन
Bhagalpur Metro Latest News भागलपुर में मेट्रो का परिचालन तीसरे रेल सिस्टम से होगा। भागलपुर शहर की भौगोलिक स्थिति के मुताबिक मेट्रो के ट्रैक डिजाइन कि ...और पढ़ें

HighLights
- शहर की भौगोलिक स्थिति के मुताबिक डिजाइन किए जाएंगे मेट्रो के ट्रैक, कहीं नहीं लगेगा ओवरहेड वायर
- कोयला डिपो एरिया को केंद्र मानकर शहर के 10 से 15 किलोमीटर के रेडियस में फैलेगा मेट्रो का जाल
- पटना मेट्रो का भी संचालन तीसरी रेल सिस्टम विद्युतीकरण माध्यम से होगा, नहीं लगेगा ओवरहेड वायर
जागरण संवाददाता, भागलपुर। नए दौर में अब मेट्रो का परिचालन ओवरहेड वायर से लगभग बंद कर दिया गया है। अगर भागलपुर शहर से मेट्रो सेवा का परिचालन होता है तो ओवरहेड वायर नहीं, बल्कि तीसरी रेल सिस्टम से होगा।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि भागलपुर शहर की भौगोलिक स्थिति के मुताबिक शहर में सड़कों की लंबाई सकरी होने की वजह से अगर फिजीबिलिटी रिपोर्ट के बाद मेट्रो का प्लान होता है, तो यहां पर मेट्रो तीसरी रेल सिस्टम पर चलेगी।
क्या है तीसरा रेल सिस्टम?
उन्होंने बताया कि मेट्रो का तीसरा रेल सिस्टम एक विद्युतीकरण प्रणाली है, जिसमें एक अतिरिक्त रेल होती है, जो पटरी के बीच चलती है। यह मेट्रो को चलने के लिए विद्युत तरंग देती है। इसका डिजाइन स्टील या कार्बन का होता है, जिसे पटरी के बीच रखा जाता है। मेट्रो ट्रेन के पहिये इससे संपर्क में आते ही विद्युत तरंगों ट्रेन में पहुंचती है जिससे मेट्रो चलना शुरू हो जाता है।
उन्होंने बताया कि इसमें किसी भी तरह की घटना दुर्घटना होने का खतरा कम रहता है। यह सिस्टम ओवरहेड वायर की तुलना में काफी सुरक्षित और विश्वसनीय है। यह सिस्टम शहर के भीतर मेट्रो संचालन के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
वर्तमान में तीसरी रेल सिस्टम विद्युतीकरण प्रणाली के माध्यम से लखनऊ, कानपुर, हैदराबाद जैसे शहरों में मेट्रो का परिचालन किया जाता है। वहीं, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और बेंगलुरु मेट्रो की 40 प्रतिशत से अधिक लाइन तीसरी रेल सिस्टम पर संचालित होती है।
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इसके अलावा पटना में जो मेट्रो सेवा शुरू होगी वह भी तीसरी रेल सिस्टम विद्युतीकरण प्रणाली से ही शुरू होगी।
शहर में भूमिगत नहीं होगी मेट्रो, सभी लाइन होगी एलिवेटेड
शहर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए अगर मेट्रो की संभावना बनती है तो वह भूमिगत नहीं होगी। सभी मेट्रो लाइनें एलिवेटेड तैयार की जाएगी। शहर के केंद्र में जो वर्तमान में रेलवे के समीप बस स्टैंड है, वह सबसे अधिक सुरक्षित। वहीं से मेट्रो का एलिवेटेड जंक्शन तैयार किया जाएगा।