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    'मजदूरों का शोषण बंद करे सरकार!' 6ठे दिन भड़के निगम कर्मी, भागलपुर में मेयर के समर्थन से और तेज हुआ आंदोलन

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 12:09 AM (IST)

    भागलपुर नगर निगम कर्मचारियों की तीन सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल छठे दिन भी जारी रही, जिसमें मेयर और डिप्टी मेयर ने भी उनका समर्थन किया। मेयर ने सरकार ...और पढ़ें

    भागलपुर : आर-पार की जंग में नगर निगम कर्मी! छठे दिन भी ठप किया काम, मेयर ने भी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

    भागलपुर : आर-पार की जंग में नगर निगम कर्मी! छठे दिन भी ठप किया काम, मेयर ने भी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

    HighLights

    1. नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल छठे दिन भी जारी रही।

    2. मेयर और डिप्टी मेयर ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया।

    3. आउटसोर्सिंग खत्म करने और नियमितीकरण की प्रमुख मांगें।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर बिहार लोकल बॉडीज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले भागलपुर नगर निगम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को छठे दिन भी जारी रही। नगर निगम कार्यालय परिसर में कर्मचारी शांतिपूर्वक धरने पर बैठे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

    इस आंदोलन में नया मोड़ तब आया, जब मेयर डॉ. वसुंधरा लाल स्वयं आंदोलनकारियों के बीच धरना स्थल पर पहुंच गईं। उनके साथ डिप्टी मेयर डॉ. सलाउद्दीन अहसन, सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों और कई पार्षदों ने धरना स्थल पर बैठकर कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया और उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।

    आउटसोर्सिंग से शोषण का आरोप, एजेंसी दे रही मानदेय कटौती की धमकी

    धरना सभा को संबोधित करते हुए नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विकास हरि ने कहा कि सरकार आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से काम कराना चाहती है, जिससे वर्षों से कार्यरत दैनिक कर्मियों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी एजेंसियां मजदूरों का शोषण कर रही हैं।

    कर्मचारी नेता ने खुलासा किया कि सफाई एजेंसी द्वारा कर्मियों पर काम पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है और एक दिन अनुपस्थित रहने पर ₹1,000 की कटौती करने की चेतावनी देकर आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।

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    कर्मचारियों की प्रमुख 3 मांगें:

    1. सेवा सुरक्षा व नियमितीकरण: दैनिक एवं संविदा कर्मियों का अविलंब नियमितीकरण किया जाए।

    2. आउटसोर्सिंग की समाप्ति: आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म कर 'समान कार्य के लिए समान वेतन' लागू हो।

    3. एसीपी व बकाये का भुगतान: एसीपी/एमएसीपी का लाभ मिले और पुराने बकाये का पूरा भुगतान किया जाए।

    कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वे नहीं चाहते कि सावन और चेहल्लुम जैसे पवित्र अवसरों पर शहर में गंदगी का ढेर लगे, लेकिन जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।

    मेयर ने नगर विकास मंत्री और सचिव को भेजा पत्र

    धरना स्थल से लौटने के बाद मेयर डॉ. वसुंधरा लाल ने अपने कक्ष में कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इसके बाद मेयर और डिप्टी मेयर ने नगर विकास एवं आवास मंत्री तथा विभाग के प्रधान सचिव को ई-मेल के माध्यम से मांग पत्र भेजा।

    पत्र में कहा गया है कि दैनिक, संविदा और ठेका कर्मी वर्षों से विपरीत परिस्थितियों में स्वच्छता, पेयजल व जल निकासी जैसी आवश्यक सेवाएं दे रहे हैं। हड़ताल से शहरी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, इसलिए सरकार कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ तत्काल वार्ता कर समाधान निकाले। साथ ही मेयर ने मानदेय कटौती के मुद्दे पर सफाई एजेंसी से बात करने का आश्वासन दिया।