भागलपुर के बेलटीकरी में मुजफ्फरपुर पुलिस की रेड, दो लड़कियां रेस्क्यू; बिना सूचना कार्रवाई पर छिड़ा विवाद
मुजफ्फरपुर पुलिस ने भागलपुर के बेलटीकरी गांव में छापेमारी कर दो लड़कियों को बचाया, जिसमें एक अपहृत छात्रा भी शामिल थी। स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर के गायघाट से लापता 12वीं की छात्रा की लोकेशन ट्रेस कर पहुंची थी पुलिस, नालंदा की एक अन्य लड़की भी बरामद। प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
मुजफ्फरपुर पुलिस ने बेलटीकरी गांव से दो लड़कियों को बचाया।
स्थानीय पुलिस को बिना बताए छापेमारी पर उठा सवाल।
अपहृत छात्रा की तलाश में पहुंची थी मुजफ्फरपुर पुलिस।
जागरण टीम, भागलपुर। इशीपुर थाना क्षेत्र के बेलटीकरी गांव में 2 अगस्त की देर रात मुजफ्फरपुर पुलिस की एक टीम ने अचानक छापेमारी कर दो लड़कियों को रेस्क्यू किया और उन्हें अपने साथ मुजफ्फरपुर ले गई। इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है। हालांकि, दूसरे जिले की पुलिस द्वारा बिना स्थानीय पुलिस और वरीय अधिकारियों को सूचना दिए की गई इस कार्रवाई पर भागलपुर पुलिस प्रशासन ने सवाल खड़े किए हैं।
विरोध के बाद देर रात स्थानीय पुलिस को दी गई सूचना
जानकारी के अनुसार, बेल्टीकरी गांव लंबे समय से कथित तौर पर रेड लाइट एरिया के रूप में चर्चित रहा है। 2 अगस्त की देर रात करीब एक बजे मुजफ्फरपुर पुलिस सादे कपड़ों और वर्दीधारी महिला पुलिसकर्मियों के साथ गांव पहुंची और संबंधित घर में प्रवेश करने लगी। अचानक हुई इस कार्रवाई से स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को घेर लिया और विरोध शुरू कर दिया।
हंगामे और विरोध के बाद रात करीब दो बजे मुजफ्फरपुर पुलिस ने इसीपुर थाना पुलिस को फोन पर सूचना दी। जब तक इसीपुर थानाध्यक्ष मनीष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, मुजफ्फरपुर पुलिस दोनों रेस्क्यू लड़कियों को लेकर कहलगांव की ओर निकल चुकी थी।
12वीं की अपहृत छात्रा को ढूंढते हुए पहुंची थी पुलिस
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुजफ्फरपुर के गायघाट थाना क्षेत्र से 12वीं कक्षा की एक छात्रा 10 मई को घर छोड़कर चली गई थी। 12 मई को उसके अपहरण का मामला दर्ज कराया गया था। तकनीकी जांच और मोबाइल टावर लोकेशन से पता चला कि एक व्यक्ति उसे कोलकाता ले जाने के बाद बेल्टीकरी गांव में रखे हुए है।
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इसी सूचना के आधार पर पहुंची पुलिस ने छात्रा के साथ-साथ नालंदा जिले की एक अन्य लड़की को भी वहां से रेस्क्यू किया। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार पश्चिम बंगाल और कोलकाता से जुड़े हैं, जहां से लड़कियों को लाकर यहां ठहराया जाता है।
बिना सूचना छापेमारी नियमों के खिलाफ, होगी समीक्षा: SDPO
मामले पर एसडीपीओ-2 स्नेह सेतु ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार किसी दूसरे जिले की पुलिस यदि किसी थाना क्षेत्र में कार्रवाई करती है, तो स्थानीय पुलिस को पूर्व सूचना देना और उनकी मौजूदगी में रेड करना अनिवार्य है। इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि इस प्रशासनिक चूक की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है और जल्द ही बेलटीकरी गांव में चल रहे अवैध कारोबार के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। बता दें कि वर्ष 2018 में भी तत्कालीन एसडीपीओ दिलनवाज अहमद ने फर्जी ग्राहक बनकर यहां बड़ा भंडाफोड़ किया था।