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    31 साल पहले जिस महिला की हो गई थी मौत, उसी ने दे दी हत्या की धमकी; भागलपुर में जिंदा लोगों को चौंकाने वाली कहानी

    Updated: Sat, 09 May 2026 08:41 AM (IST)

    भागलपुर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 31 साल पहले मृत महिला मंजू देवी को एक नाबालिग के अपहरण से जुड़े मामले में हत्या की धमकी देन ...और पढ़ें

    भागलपुर: मुर्दा भी बन गया आरोपी, जिंदा लोगों को धमकाने का मामला

    भागलपुर: मुर्दा भी बन गया आरोपी, जिंदा लोगों को धमकाने का मामला

    HighLights

    1. 31 साल पहले मृत महिला पर धमकी का आरोप।

    2. नाबालिग के अपहरण मामले से जुड़ा है यह केस।

    3. पुलिस की लापरवाही और कानूनी त्रुटि उजागर हुई।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिंदा रहते हत्या करने या कराने की धमकी देने के मामले आम हैं, लेकिन सबौर थानाक्षेत्र में हाल ही में ऐसा मामला सामने आया जिसने सबको हैरान कर दिया। मामला है एक मुर्दे के द्वारा हत्या करा देने की धमकी देने का। हैरानी की बात यह है कि मृतक कोई पुरुष नहीं, बल्कि महिला थी।

    मामला हरिजन टोला का

    सबौर थानाक्षेत्र के वार्ड आठ, हरिजन टोला की रहने वाली बद्री दास की पत्नी मंजू देवी इस मामले में शामिल हैं। मामला एक नाबालिग छात्रा के शादी की नीयत से अपहरण के केस से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, शादी की नीयत से अगवा करने के मामले में जब छात्रा के पिता आरोपित निशु दास के घर शिकायत करने गए, तो निशु के पिता बद्री दास और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर गाली-गलौज करने और दुबारा घर आने पर हत्या करा देने की धमकी देने का आरोप लगा।

    सबौर थाने में दर्ज हुआ अजीब मामला

    छात्रा के पिता ने इस धमकी के सिलसिले में सबौर थाने में केस दर्ज कराया। केस में निशु दास, उसके पिता बद्री दास के साथ-साथ बद्री दास की पत्नी मंजू देवी को भी आरोपी बनाया गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि मंजू देवी की मृत्यु 1995 में हो चुकी थी। यानी अब 31 साल से मृत मंजू देवी को भी धमकी देने का आरोपी बनाया गया।

    मृतक को आरोपी बनाने की कहानी

    23 फरवरी 2026 को छात्रा के पिता ने सबौर थाने में केस दर्ज कराया। केस में आरोप लगाया गया कि मंजू देवी ने भी गाली-गलौज की और हत्या करा देने की धमकी दी। जबकि वास्तविकता यह थी कि वह वर्षों पूर्व ही काल कलवित हो चुकी थी। यह घटना सबौर थाने और आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बन गई।

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    अधिकारियों और परिवार को हुई जानकारी

    नाबालिग छात्रा की शादी की नीयत से अपहरण के मामले की जानकारी बद्री दास और उनके बेटे को तब लगी, जब सबौर थाने की पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी। तब उन्हें पता चला कि उनके अलावा मंजू देवी को भी आरोपी बना दिया गया है। परिवार और स्थानीय लोग इस घटना पर हैरान हैं।

    जमानत की कवायद शुरू

    शुक्रवार को नामजद आरोपितों के जमानत कागजात बनाने आपराधिक मामलों के जानकार अधिवक्ता अमित कुमार के पास पहुंचे। बद्री दास और उनके बेटे की जमानत अर्जी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    अनोखी और चौंकाने वाली घटना

    यह मामला न केवल कानूनी गलती को उजागर करता है, बल्कि प्रशासन और पुलिस की सिस्टम में लापरवाही पर भी सवाल खड़ा करता है। मृतक को आरोपी बनाना, और जिंदा लोगों को धमकाने का आरोप दर्ज करना एक अनोखी और दुर्लभ घटना के रूप में सामने आया है।

    स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

    स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा पहला मामला है जिसमें एक मृतक को आरोपी बनाया गया हो। पुलिस और प्रशासन को इस तरह की गलती सुधारने और केस की सटीक जांच सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।