स्मार्ट सिटी भागलपुर के लिए 3000 करोड़ का मेगा प्लान, खुलेगी शानदार 'खाऊ गली' लेकिन पान-गुटखा बैन
भागलपुर नगर निगम ने शहर के विकास के लिए केंद्र सरकार को अर्बन चैलेंज फंड के तहत 3000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। इसके तहत 'खाऊ गली' का निर्माण, 6 ...और पढ़ें

Bhagalpur Nagar Nigam: भागलपुर के विकास के लिए केंद्र को भेजा 3000 करोड़ का प्रस्ताव, लापरवाही पर बुडको को लगी फटकार
HighLights
भागलपुर निगम ने 3000 करोड़ का विकास प्रस्ताव भेजा।
लाजपत पार्क के सामने बनेगी नई 'खाऊ गली'।
6000 स्ट्रीट लाइटें, 180 किमी पाइपलाइन को मंजूरी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर नगर निगम ने शहर के विकास और अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। निगम ने अर्बन चैलेंज फंड (Urban Challenge Fund) के तहत केंद्र सरकार को तीन हजार करोड़ रुपये का एक बड़ा प्रस्ताव भेजा है। नगर निगम की सामान्य बोर्ड की बैठक में यह अहम जानकारी साझा की गई। इस बैठक में निगम की आय बढ़ाने और खर्च घटाने के उपायों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
अर्बन चैलेंज फंड से चमकेगा भागलपुर, बढ़ेंगे रोजगार
बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने सदन को बताया कि अर्बन चैलेंज फंड स्वीकृत होने से शहर में विकास कार्यों को अभूतपूर्व गति मिलेगी। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि नगर निगम की आय में भी भारी वृद्धि होगी। निगम की आय बढ़ाने के लिए उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा हुई। कुछ पार्षदों ने अनोखा सुझाव देते हुए कहा कि पार्षद कक्षों का उपयोग आम लोगों के निजी समारोहों के लिए किया जाए, जिससे अतिरिक्त राजस्व मिल सके।
लाजपत पार्क के सामने बनेगी 'खाऊ गली', गुटखे पर पाबंदी
शहरवासियों के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि लाजपत पार्क के सामने वाले हिस्से को 'खाऊ गली' (Food Street) के रूप में विकसित किया जाएगा। हालांकि, यहां केवल फास्ट फूड बेचने की ही अनुमति होगी। वहीं, मोक्षदा स्कूल के सामने डॉक्टरों के क्लीनिक की अधिकता को देखते हुए वहां बनी दुकानों में फल बेचने का आदेश दिया जाएगा। इस पूरे वीआईपी क्षेत्र में पान और गुटखा बेचने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। वेंडिंग जोन को व्यवस्थित बाजार के रूप में विकसित करने और अतिक्रमण हटाने पर भी मुहर लगी।
6000 स्ट्रीट लाइट और 180 KM पाइपलाइन को मंजूरी
सदन में शहर की सूरत बदलने वाली कई बड़ी विकास योजनाओं को हरी झंडी दी गई। बैठक में शहर की सभी 19 डीप बोरिंग की जांच कराने और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही शहर में 6,000 नई स्ट्रीट लाइटें लगाने, 180 किलोमीटर लंबी जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाने तथा हर वार्ड में आधुनिक शौचालय निर्माण के प्रस्ताव पर सहमति बनी। अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीन पर पार्किंग बनेगी और सूखे पेड़ों को काटकर सार्वजनिक स्थलों के लिए बेंच बनाई जाएगी।
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बुडको के दावों पर भड़के पार्षद, नगर आयुक्त ने लगाई फटकार
बैठक में बुडको (BUIDCO) के कार्यों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। बुडको के प्रतिनिधि ने जब दावा किया कि उनके 10 में से 7 काम पूरे हो चुके हैं, तो पार्षद आक्रोशित हो गए और उन्होंने एक-एक काम गिनाने की चुनौती दे डाली। भीखनपुर में अधूरे काम को पूरा बताने पर पार्षदों ने बुडको को घेरा। जलापूर्ति योजना में इस बड़ी लापरवाही को देख नगर आयुक्त ने बुडको प्रतिनिधि को कड़ी फटकार लगाई और पार्षदों के साथ स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
विद्युत शवदाह गृह में देरी पर भड़कीं मेयर, ठेकेदारों पर दर्ज होगा केस
बरारी श्मशान घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह का काम लंबे समय से अटका रहने पर मेयर ने गहरी नाराजगी जताई और इसे जुलाई के अंत तक हर हाल में पूरा करने का अल्टीमेटम दिया। नगर आयुक्त ने भी कड़े लहजे में स्पष्ट किया कि समय पर काम न करने वाले ठेकेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। जरूरत पड़ने पर उनका भुगतान रोका जाएगा और ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
कोरम तो पूरा हुआ, लेकिन 50 में से सिर्फ 31 पार्षद ही पहुंचे
नगर निगम की इस बेहद महत्वपूर्ण सामान्य बोर्ड की बैठक में पार्षदों की उपस्थिति उम्मीद से काफी कम रही। कुल 50 पार्षदों में से केवल 31 पार्षद ही बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे। हद तो तब हो गई जब तीन पार्षद बैठक शुरू होने के करीब दो घंटे बाद सदन में आए। पार्षदों की इस कम उपस्थिति और उदासीनता पर डिप्टी मेयर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।