Bhagalpur Weather: भागलपुर में 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी, कई जगह मची तबाही
भागलपुर में मंगलवार शाम 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज आंधी ने कई जगहों पर तबाही मचाई, जिससे पेड़ गिरे, होर्डिंग उखड़े और बिजली आपूर्ति प्रभा ...और पढ़ें
-1781027831994_m.webp)
तेज आंधी में गिरा पेड़। फोटो जागरण
HighLights
भागलपुर में 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली।
आंधी से पेड़ गिरे, होर्डिंग उखड़े, बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
हल्की बारिश से उमस से राहत मिली, मौसम में उतार-चढ़ाव जारी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे तक दिनभर की उमस के बीच सब कुछ सामान्य था। सैंडिस कंपाउंड में लोग टहलने और बच्चे खेलने के लिए जुट रहे थे। मोहल्लों की गलियों में बच्चे खेलते हुए कोलाहल कर रहे थे। तभी अचानक आसमान पर काले बादल छा गए और अंधेरा सा पसर गया।
इसके पूर्व मौसम का रुख भांपते ही लोग घरों और सुरक्षित ठिकानों की ओर लौटने लगे। कुछ ही मिनटों में हवाएं तेज होने लगीं और देखते ही देखते धूल के गुबार से आसमान ढक गया।
इसके बाद 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने कई जगह पेड़ों की डालियां तोड़ दीं, होर्डिंग उखाड़ दिए और बिजली आपूर्ति प्रभावित कर दी। हालांकि, आंधी के बाद हुई हल्की वर्षा से लोगों को उमस से राहत मिली पर आंधी के कारण सड़कों पर तबाही के निशान दिखने लगे।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), भागलपुर केंद्र के अनुसार शाम 4:40 बजे अधिकतम 44 नॉट यानी करीब 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री, न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता 90 प्रतिशत दर्ज की गई। जिले में 12 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
उतार-चढ़ाव रहेगा जारी
मौसम विज्ञानी अनुपम नाहर ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर बने चक्रवाती परिसंचरण तथा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक फैली ट्रफ रेखा के प्रभाव से तेज हवा, वज्रपात और वर्षा की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण भी मौसम को प्रभावित कर रहा है।
उन्होंने बताया कि 11 जून से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर आगामी दिनों में मौसम पर पड़ सकता है। जून के दूसरे सप्ताह में भी मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहने के आसार हैं।