बिहार : शिकायत करते-करते खुद फंस गए शिक्षक, ई-शिक्षाकोष जांच में आईं गड़बड़ियां, सहयोग पोर्टल बना जांच का हथियार
शिक्षा विभाग का सहयोग पोर्टल अब शिक्षकों की उपस्थिति निगरानी का माध्यम बन गया है, जिससे भागलपुर में शिक्षकों की अटेंडेंस में गड़बड़ियां सामने आ रही है ...और पढ़ें

भागलपुर शिक्षा विभाग अलर्ट: ई-शिक्षाकोष जांच में छह शिक्षकों से मांगा गया स्पष्टीकरण
HighLights
सहयोग पोर्टल बना शिक्षकों की उपस्थिति निगरानी का माध्यम।
भागलपुर में छह शिक्षकों से अटेंडेंस गड़बड़ी पर मांगा स्पष्टीकरण।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर होगी सख्त विभागीय कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। शिक्षा विभाग का सहयोग पोर्टल अब केवल शिकायत दर्ज कराने का मंच नहीं रह गया है, बल्कि शिक्षकों की कार्यशैली और उपस्थिति की निगरानी का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। स्कूलों में देर से पहुंचने, समय से पहले लौटने और उपस्थिति में गड़बड़ी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला शिक्षा विभाग ने अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों की अटेंडेंस की जांच शुरू कर दी है।
जांच के दौरान एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ग्रामीणों से ज्यादा शिकायतें खुद शिक्षक सहयोग पोर्टल पर दर्ज करा रहे हैं। एक शिक्षक द्वारा अलग-अलग मामलों में नौ बार शिकायत किए जाने के बाद विभाग की नजर उनकी गतिविधियों पर भी गई। इसके बाद उनके उपस्थिति रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसमें कई गड़बड़ियां सामने आईं।
छह शिक्षकों से मांगा गया स्पष्टीकरण
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार अब तक छह शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है। इन शिक्षकों पर अटेंडेंस में फर्जीवाड़ा करने और वास्तविक उपस्थिति से अलग रिकॉर्ड दर्ज कराने का आरोप है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज समय और वास्तविक उपस्थिति में अंतर पाया गया है। कुछ मामलों में लॉग-इन और लॉग-आउट का समय भी संदिग्ध मिला है।
94 शिकायतें पहुंचीं विभाग के पास
जिला शिक्षा विभाग को अब तक कुल 94 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से तीन दर्जन से अधिक मामलों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि कई मामलों की जांच अभी जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि यदि संबंधित शिक्षकों का जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।
केस-1: देर से स्कूल पहुंचने की शिकायत
बिहपुर प्रखंड के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय अमरपुर के शिक्षकों के खिलाफ ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पाया गया कि शिक्षिका अराधना कुमारी और ज्योत्सना कुमारी अक्सर विद्यालय विलंब से पहुंचती हैं। इसके बाद दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
केस-2: नौ शिकायतें करने वाले शिक्षक खुद जांच के घेरे में
नाथनगर स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय राजपुर के शिक्षक अमित कुमार ने सहयोग पोर्टल पर नौ अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं। इसके बाद विभाग ने उनके अटेंडेंस रिकॉर्ड की जांच की।
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जांच में पाया गया कि कई दिनों में सुबह की तस्वीर और शाम की तस्वीर अलग-अलग थी। कुछ मामलों में लॉग-इन तो दर्ज था, लेकिन लॉग-आउट नहीं मिला। इसके बाद शिक्षक से जवाब तलब किया गया।
केस-3: लॉग-आउट नहीं करने का मामला
सन्हौला के मध्य विद्यालय जगन्नाथपुर के एक शिक्षक से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। अप्रैल महीने में दो दिनों का लॉग-आउट रिकॉर्ड नहीं मिला। वहीं 13 से 15 अप्रैल के बीच स्कूल में उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद आउट टाइम में “कार्यालय कार्य” दर्शाया गया था।
विभाग ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
डीपीओ स्थापना अमरेंद्र पांडेय ने बताया कि शिकायतों के बाद ई-शिक्षाकोष पोर्टल की लगातार निगरानी की जा रही है। अब तक छह शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और आगे भी जांच जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।