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    'एक गांव से दो मंत्री, एक प्रखंड से दो मंत्री', बिहार कैबिनेट विस्तार में बना अनोखा संयोग

    Updated: Fri, 08 May 2026 06:30 AM (IST)

    बिहार मंत्रिमंडल विस्तार में जमुई और भागलपुर जिलों ने विशेष पहचान बनाई है। जमुई के गिद्धौर गांव और भागलपुर के खरीक प्रखंड से दो-दो नेताओं को मंत्री पद ...और पढ़ें

    बिहार मंत्रिमंडल विस्तार: जमुई और भागलपुर के दो-दो नेताओं को मंत्री पद, गांवों में जश्न

    बिहार मंत्रिमंडल विस्तार: जमुई और भागलपुर के दो-दो नेताओं को मंत्री पद, गांवों में जश्न

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    जागरण टीम, भागलपुर। बिहार मंत्रिमंडल विस्तार में इस बार जमुई और भागलपुर ने राजनीतिक महत्व बढ़ाया है। जमुई जिले के गिद्धौर गांव और भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल के खरीक प्रखंड से दो-दो नेताओं को मंत्री पद मिला है। इस अनोखे राजनीतिक संयोग के बाद दोनों क्षेत्रों में उत्सव का माहौल है।

    गिद्धौर गांव का गौरव

    जमुई जिले के गिद्धौर गांव निवासी जदयू के वरिष्ठ नेता दामोदर रावत और भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली है। यह दुर्लभ अवसर माना जा रहा है, जब एक ही गांव के दो प्रतिनिधि राज्य मंत्रिमंडल में शामिल हुए। गिद्धौर का राजनीतिक इतिहास भी समृद्ध रहा है। राजतंत्र के दौर में यह गढ़ लंबे समय तक प्रशासनिक और सत्ता का केंद्र था। अब एक बार फिर यह गांव राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

    दामोदर रावत और श्रेयसी सिंह की राजनीतिक यात्रा

    दामोदर रावत लंबे समय से जदयू में सक्रिय हैं। वे पहले भी वर्ष 2007 और 2010 में मंत्री रह चुके हैं। झाझा विधानसभा क्षेत्र से उन्होंने कई बार जीत दर्ज की है। इस बार उन्होंने राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव को कड़े मुकाबले में हराया। वहीं, भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह दूसरी बार मंत्री बनी हैं। वे पहली बार वर्ष 2020 में विधायक बनी थीं और 2025 में भी बड़ी जीत हासिल की। श्रेयसी, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद पुतुल कुमारी की पुत्री हैं।

    नवगछिया अनुमंडल का उत्साह

    भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल में भी उत्साह का माहौल है। भाजपा विधायक इ. शैलेंद्र और जदयू विधायक शैलेश कुमार उर्फ बूलो मंडल ने मंत्री पद की शपथ ली। दोनों अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से हैं, लेकिन घर खरीक प्रखंड में ही है। इ. शैलेंद्र तेलघी गांव, जबकि बूलो मंडल राघोपुर गांव से आते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली बार है जब खरीक प्रखंड से जुड़े दो नेताओं को एक साथ बिहार मंत्रिमंडल में जगह मिली है।

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    समर्थकों में उत्साह और जश्न

    मंत्री बनने की खबर के बाद समर्थकों और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है। गांवों में मिठाइयां बांटी जा रही हैं और समर्थक पटना पहुंचकर अपने नेताओं को बधाई देने की तैयारी में जुटे हैं। इस राजनीतिक संयोग ने न केवल गिद्धौर और खरीक प्रखंड को गौरवान्वित किया है, बल्कि बिहार की राजनीति में इन जिलों की पहचान और मजबूत की है।