Bihar Police SI Exam Leaked : 6 लाख का रेट, ब्लूटूथ से नकल और ब्लैंक चेक, परीक्षा से पहले साल्वर गिरोह की सीक्रेट मीटिंग
बिहार पुलिस रेडियो ऑपरेटर सिपाही भर्ती परीक्षा में साल्वर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें खगड़िया और सहरसा समेत पांच जिलों से 24 लोग गिरफ्तार किए गए ...और पढ़ें

Bihar Police SI Exam Leaked
जागरण टीम, खगड़िया/सहरसा। बिहार पुलिस रेडियो ऑपरेटर सिपाही भर्ती परीक्षा में साल्वर गिरोह के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। खगड़िया और सहरसा समेत पांच जिलों से अब तक 24 शातिरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने और मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
परीक्षा से पहले हुई थी सीक्रेट मीटिंग
इस पूरे कांड में खगड़िया से गिरफ्तार शिक्षक अरविंद कुमार की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है। जांच में सामने आया है कि परीक्षा से ठीक तीन दिन पहले साल्वर गिरोह के सदस्यों और गिरफ्तार शिक्षकों के बीच लगातार बैठकें हुई थीं। इतना ही नहीं, रविवार की सुबह परीक्षा शुरू होने से ऐन पहले भी एक सीक्रेट मीटिंग की गई थी।
चार से छह लाख रुपये में तय हुआ था सौदा
साल्वर गिरोह ने परीक्षा पास कराने के एवज में प्रत्येक अभ्यर्थी से चार से छह लाख रुपये का रेट तय किया था। रकम की गारंटी के तौर पर कई परीक्षार्थियों से एडवांस में ब्लैंक चेक भी ले लिए गए थे। गिरफ्तार केंद्राधीक्षक ब्रजेश कुमार भी परीक्षा से पहले सेटर सुजीत, प्रवीण और शिक्षक अरविंद से कई बार मिल चुका था।
चंदन और रोशन की तलाश में जुटी पुलिस
गिरफ्तार आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद अब इस कांड में चंदन और रोशन नाम के दो नए किरदारों की एंट्री हुई है। पुलिस दोनों के मोबाइल नंबरों के आधार पर उनकी सही लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। दोनों फरार आरोपियों के नंबरों को इस दर्ज मामले (केस) में मुख्य साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है।
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मोबाइल सीडीआर से खुलेंगे कई बड़े राज
पुलिस ने गिरफ्तार शातिरों के पास से 9 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अब इन मोबाइलों के साथ-साथ फरार चंदन और रोशन के नंबरों का सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकाला जा रहा है। भोजपुर, नवादा, पटना, वैशाली और खगड़िया के अपराधियों के बीच हुई बातचीत के इस रिकॉर्ड से कई और रसूखदार चेहरे बेनकाब होंगे।
आरोपी शिक्षक और प्रधानाध्यापक होंगे सस्पेंड
इधर, पेपर लीक और सेटिंग के मामले में नाम आने के बाद शिक्षा विभाग ने भी सख्त रुख अपना लिया है। गिरफ्तार शिक्षक अरविंद कुमार और प्रभारी प्रधानाध्यापक ब्रजेश कुमार के निलंबन (Suspension) की विभागीय तैयारी शुरू हो चुकी है। दोनों के खिलाफ जल्द ही कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट जारी होगी।
ब्लूटूथ से नकल कराने की दी जाती थी ट्रेनिंग
पुलिस टीम की पड़ताल में यह भी साफ हो गया है कि इस साल्वर गिरोह का मुख्य केंद्र सहरसा जिला ही था। गिरोह का सदस्य चंदन परीक्षा केंद्र के बाहर बैठकर ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र हल करवाता था। उसके कमरे से पुलिस को कई अहम दस्तावेज और संदिग्ध नंबरों की लिस्ट मिली है।
बिहार के 6 से ज्यादा जिलों में फैला था नेटवर्क
साल्वर गिरोह का यह नेटवर्क सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं था, बल्कि यह सहरसा, पटना, गया, भागलपुर, खगड़िया और किशनगंज तक फैला हुआ था। गिरोह में काम पूरी तरह बंटा हुआ था; कुछ लोग अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग देते थे, तो कुछ का काम परीक्षा केंद्र के भीतर से प्रश्न पत्र बाहर निकालना था।
एडमिट कार्ड और आंसर की भेजने वाले चिह्नित
पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के जरिए उन सभी व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स को खंगाल लिया है, जहां से प्रश्न पत्र और उत्तर (Answer Key) शेयर किए जा रहे थे। एडमिट कार्ड भेजने वाले परीक्षार्थियों से लेकर परीक्षा के दौरान उत्तर तैयार करने वाले एक्सपर्ट्स को भी पुलिस ने पूरी तरह चिह्नित कर लिया है।