भागलपुर में गरजे CM सम्राट : जनता को बताया मालिक, खुद को सेवक, अंगिका भाषा के पांच शब्दों ने सभा को किया रोमांचित
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर की जनसभा में अंगिका भाषा का प्रयोग कर जनता से सीधा जुड़ाव स्थापित किया। उन्होंने जनता को मालिक और खुद को सेवक बताक ...और पढ़ें
HighLights
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अंगिका में बोलकर जनता को जोड़ा।
जनता को मालिक, खुद को सेवक बताकर दिल जीता।
भीषण गर्मी में भी हजारों की भीड़ रोमांचित हुई।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर के कासिल गोराडीह में आयोजित भव्य विकास जनसभा के मंच से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जैसे ही अंगिका में कहा, "तोंंय सब बौले नै छौ...!" वैसे ही पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद सुबह से डटी हजारों की भारी भीड़ और मंच पर मौजूद एनडीए के तमाम वरिष्ठ अतिथि मुख्यमंत्री के मुंह से स्थानीय बोली के ये पांच आत्मीय शब्द सुनते ही पूरी तरह से रोमांचित हो उठे। मुख्यमंत्री ने अपनी इस कड़क राजनीतिक जनसभा को बेहद आत्मीय संवाद में बदलते हुए अंगिका भाषा के माध्यम से ग्राउंड पर मौजूद आम लोगों के दिलों से सीधा और अटूट कनेक्शन स्थापित कर लिया।
अंगिका की मिठास सुन झूम उठे हजारों ग्रामीण
उस समय अचानक पूरी तरह से बदल गया, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंच से स्थानीय जनभाषा का जादू बिखेरा। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद पंडाल में डटी हजारों की भारी भीड़ और मंच पर मौजूद एनडीए के तमाम वरिष्ठ अतिथि उस वक्त पूरी तरह से रोमांचित और गदगद हो उठे। सीएम सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन के दौरान अचानक भागलपुर की माटी की सुप्रसिद्ध अंगिका भाषा की कुछ बेहद खूबसूरत और आत्मीय पंक्तियां बोलनी शुरू कर दीं।
स्थानीय भाषा से जोड़ा दिल का रिश्ता
मुख्यमंत्री ने अपनी इस कड़क राजनीतिक जनसभा को बेहद आत्मीय संवाद में बदलते हुए अंगिका बोली के माध्यम से सीधे ग्राउंड पर मौजूद आम लोगों के दिलों से सीधा कनेक्शन स्थापित कर लिया। उन्होंने पूरे पंडाल में बैठे हजारों ग्रामीणों के बीच अपना अगाध प्रेम बांटते हुए स्थानीय संस्कृति, परंपरा और यहाँ के लोगों के जुझारू व्यक्तित्व की खुलकर सराहना की।
जनता के बीच खुलकर बांटा अपनापन और निश्छल प्रेम
सीएम के मुंह से अंगिका भाषा की मिठास सुनकर वहां मौजूद महिलाओं, बुजुर्गों और कॉलेज की छात्राओं ने खड़े होकर देर तक तालियां बजाईं और पूरा परिसर नारों से गूंज उठा।
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आप ही असली मालिक हैं और हम आपके सेवक
मंच से सीधे जनता-जनार्दन से संवाद और सीधी बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत और शालीन परिभाषा को सबके सामने पुरजोर तरीके से रखा।
जनता के दरबार में सीमए ने झुकाया अपना सिर
उन्होंने भावुक लहजे में जनता के प्रति आभार जताते हुए कहा, "इस सूबे की जनता और आप सभी हमारे असली मालिक हैं, और मैं तथा मेरी पूरी सरकार आपकी महज एक सेवक है।" उन्होंने उपस्थित जनसैलाब को भरोसा दिलाया कि मंच और प्रशासन में बैठे सभी जनप्रतिनिधि व अधिकारी चौबीसों घंटे केवल और केवल आपकी सेवा और विकास के लिए ही काम कर रहे हैं।