प्रेमिका संग भागलपुर के होटल में छिपा दो करोड़ की ठगी का मास्टरमाइंड, 8500 लोगों से लगाया चूना; कोटा पुलिस ने पकड़ा
कोटा में 8500 से अधिक लोगों से 2 करोड़ रुपये की ठगी करने वाला मास्टरमाइंड दीपक सिंह उर्फ सानू भागलपुर से गिरफ्तार हो गया है। वह अपनी प्रेमिका के साथ ए ...और पढ़ें

8500 लोगों से दो करोड़ की ठगी करने वाला शातिर, प्रेमिका संग भागलपुर होटल में पकड़ा गया; कोटा पुलिस ने अंजाम दिया गिरफ्तारी

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जागरण संवाददाता, भागलपुर। राजस्थान के कोटा शहर में 8500 से अधिक लोगों से दो करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर फरार चल रहे शातिर दीपक सिंह उर्फ सानू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक लाख 88 हजार 500 रुपये, ठगी में इस्तेमाल लाल रंग की कार और कई फर्जी आधार कार्ड व ई-श्रम कार्ड बरामद किए गए हैं।
कोटा से पहुंची पुलिस की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से मंगलवार को कचहरी रोड स्थित एक होटल से उसे गिरफ्तार किया। उस समय वह अपनी प्रेमिका के साथ होटल में ठहरा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ कोटा ले गई।
बताया गया कि दीपक सिंह उर्फ सानू ने कोटा के अनंतपुरा इलाके में ओएसिस एंटरप्राइजेज नाम से कंपनी खोल रखी थी। इस कंपनी के जरिए वह लोगों को रोजगार का झांसा देकर ठगी करता था।
एबीसीडी लिखवाने के नाम पर सैकड़ों लोगों से ठगी
गिरफ्तार शातिर बेरोजगार युवाओं को घर बैठे काम दिलाने का लालच देता था। वह एबीसीडी लिखने और अन्य छोटे कार्यों के नाम पर 2500 रुपये सुरक्षा राशि के रूप में जमा कराता था। इसके बाद लोगों से कागज भरवाकर उन्हें अधिक कमाई का झांसा देता था।
जब ठगी का मामला सामने आया तो पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। कोटा रेंज के आईजी राजेंद्र गोयल ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
कोटा से पहुंची पुलिस टीम के डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि 15 नवंबर 2025 को अनंतपुरा थाना क्षेत्र निवासी पीड़ित कुलदीप शर्मा सहित कई लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि ‘ओएसिस एंटरप्राइजेज’ के नाम पर कंपनी खोलकर आरोपी ने सैकड़ों लोगों से दो करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की और रातों-रात ऑफिस बंद कर फरार हो गया।
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इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। अनंतपुरा थानाधिकारी रमेश कविया के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की।
कई राज्यों में फैला रखा था ठगी का जाल
जांच में पता चला कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करता था। कोटा में वह दीपक कुमार नाम से आधार कार्ड का उपयोग कर रहा था।
जांच के दौरान पता चला कि उसका असली नाम सानू कुमार सिंह उर्फ दीपक सिंह (25) है और वह बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला है। वह राजस्थान के अलावा दरभंगा, रांची, दुर्ग, सहारनपुर, बीकानेर और इंदौर समेत कई शहरों में भी ठगी कर चुका है।
माला गूंथने और स्वेटर बुनने के नाम पर देता था काम
आरोपी लोगों को मोतियों की माला गूंथने, स्वेटर बुनने और अन्य छोटे-मोटे काम घर बैठे देने का झांसा देता था। इसके लिए वह 2500 रुपये सुरक्षा राशि लेता था।
लोगों को एक अंग्रेजी की किताब और सादा कागज दिया जाता था। उनसे 175 पन्ने तैयार कर लाने को कहा जाता और इसके बदले चार हजार रुपये देने का वादा किया जाता था। शुरुआत में कुछ लोगों को भुगतान भी किया गया, जिससे ज्यादा लोग जुड़ते गए। तीन महीने बाद जैसे ही सुरक्षा राशि लौटाने का समय आया, आरोपी रातों-रात फरार हो गया।
चेहरे की पहचान से पकड़ में आया
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल का इस्तेमाल बहुत कम करता था और ऑनलाइन लेनदेन से भी बचता था। एसआईटी ने चेहरे की पहचान करने वाले एक एप की मदद से पुराने आधार कार्ड का मिलान किया, जिसमें चेहरा करीब 90 प्रतिशत तक मैच हो गया।
जांच में पता चला कि आरोपी कोटा से दिल्ली, फिर पटना और वहां से प्रेमिका के साथ नेपाल चला गया था। होली के बाद वह वापस पटना लौटा और फिर भागलपुर पहुंच गया, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।