Indian Railways : पूर्व रेलवे ने रचा इतिहास; माल ढुलाई से राजस्व में 4.89% का उछाल, 3192 करोड़ रुपये से बढ़ी ताकत
पूर्व रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती चार महीनों में माल ढुलाई और राजस्व संग्रह में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। माल ढुलाई में 2.43% और राजस्व ...और पढ़ें

माल ढुलाई की इस वृद्धि के परिणामस्वरूप रेलवे का राजस्व बढ़कर ₹3,192.97 करोड़ हुआ; पिछले वित्तीय वर्ष में यह ₹3,044.11 करोड़ था
HighLights
चालू वित्तीय वर्ष में माल ढुलाई में 2.43% की वृद्धि दर्ज।
माल राजस्व ₹3,192 करोड़ पहुंचा, 4.89% की शुद्ध वृद्धि।
आयातित कोयला लदान से राजस्व में 13.22% का बड़ा इजाफा।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। पूर्व रेलवे (Eastern Railway) ने चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती चार महीनों में माल ढुलाई और राजस्व संग्रह में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में माल ढुलाई में 2.43 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रेलवे के खजाने में भारी उछाल आया है।
01 अप्रैल, 2026 से 31 जुलाई, 2026 की अवधि के माल परिवहन के आंकड़ों का 01 अप्रैल, 2025 से 31 जुलाई, 2025 की समान अवधि से तुलनात्मक विश्लेषण करने पर सभी प्रमुख परिचालन मानकों में ईस्टर्न रेलवे की उल्लेखनीय प्रगति सामने आई है।
4 महीने में लदा 33.391 मिलियन टन माल, ₹3,192 करोड़ हुआ राजस्व
चालू वित्तीय वर्ष 2026 के पहले चार महीनों के दौरान विभिन्न वस्तुओं का कुल 33.391 मिलियन टन माल लदान दर्ज किया गया, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 32.599 मिलियन टन था। इस प्रकार माल लदान में कुल 2.43 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
माल ढुलाई की इस वृद्धि के परिणामस्वरूप माल राजस्व भी बढ़कर ₹3,192.97 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह ₹3,044.11 करोड़ था। इस प्रकार माल राजस्व में 4.89 प्रतिशत की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है।
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कोयला लदान बना कमाई का मुख्य आधार, राजस्व 13.22% बढ़ा
ईस्टर्न रेलवे की इस उपलब्धि में आयातित कोयले (Imported Coal) का परिवहन सबसे बड़ा आधार रहा।
लदान में वृद्धि: आयातित कोयले की लदान मात्रा में 7.29 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जो पिछले वित्तीय वर्ष के 21.567 मिलियन टन से बढ़कर चालू वित्तीय वर्ष में 23.14 मिलियन टन हो गई।
कमाई में उछाल: इसके परिणामस्वरूप कोयला माल ढुलाई से प्राप्त राजस्व में 13.22 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर ₹2,263.20 करोड़ पर पहुंच गया, जो वर्ष 2025 की समान चार माह की अवधि में ₹1,998.95 करोड़ था।
यह उपलब्धि थोक ऊर्जा लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में पूर्व रेलवे की बढ़ती भागीदारी और सुदृढ़ होती बाजार स्थिति को स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है।
आम लोगों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को होगा सीधा फायदा
पूर्व रेलवे के पीआरओ के अनुसार, माल ढुलाई के इस निरंतर बेहतर प्रदर्शन का सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन को प्राप्त हो रहा है। कोयले की निर्बाध आपूर्ति से थर्मल पावर प्लांटों, अस्पतालों, घरों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को बिना रुकावट बिजली उपलब्ध हो रही है।
रेल के माध्यम से किफायती माल परिवहन स्थानीय बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को स्थिर बनाए रखने में सहायक सिद्ध हो रहा है। व्यापारिक गतिविधियों में बढ़ोतरी से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
स्टेशनों और पटरियों के आधुनिकीकरण में लगेगा फंड
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि माल ढुलाई से प्राप्त अतिरिक्त राजस्व का उपयोग बुनियादी ढांचे के विकास में किया जा रहा है। पूर्व रेलवे पटरियों के आधुनिकीकरण, अमृत भारत योजना के तहत स्टेशनों पर स्वच्छ एवं बेहतर यात्री सुविधाओं के विकास तथा इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण में निरंतर निवेश कर रहा है।
क्षेत्रीय उद्योगों को लॉजिस्टिक्स सहायता प्रदान करने और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला (Industrial Supply Chain) को मजबूत करने में भारतीय रेलवे अहम भूमिका निभा रही है।